Coronavirus को लेकर आपके सवालः डॉ. नरेश त्रिहान व डॉ. प्रवीन चन्द्रा के जवाब

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-आगरा विकास मंच के वीडियो संवाद में हृदयरोग विशेषज्ञों ने किया हर शंका का समाधान

Agra (Uttar Pradesh, India) देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ, पद्मभूषण डॉ. नरेश त्रिहान (चेयरमैन मेदांता, गुरुग्राम) और पदमश्री डॉ. प्रवीन चन्द्रा (चेयरमैन हार्ट इंस्टीट्यूट, मेदांता) का नाम कौन नहीं जानता है। कोरोनावायरस को लेकर दोनों चिकित्सक खासा काम कर रहे हैं। पिछले दिनों आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन और संयोजक सुनील कुमार जैन ने दोनों चिकित्सकों के साथ आगरा निवासियों का वीडियो संवाद कराया। युवा उद्यमी आशीष जैन के संचालन में हुए वीडियो संवाद में हृदयरोग के साथ-साथ तमाम शंकाओं का समाधान किया गया। इस दौरान मंच के संस्थापक अध्यक्ष स्व. अशोक जैन सीए को श्रद्धांजलि दी। आइए पढ़ते हैं सवाल और उनके  जवाब।

सवालः मई के महीने में 44 डिग्री तक तापमान हो जाएगा तो क्या कोविड के मरीज खत्म हो जाएंगे?

डॉ. नरेश त्रिहनः ये किसी को पता नहीं है। हो सकता है तापमान 40 से ऊपर जाए और लम्बे समय तक रहे तो कुछ हो सकता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि कोई छुटकारा मिल जाएगा। स्पेन में बीसीजी नहीं देते हैं तो वहां तेजी से फैल रहा है। हो सकता है बीसीजी से राहत मिले हमें। डबलिंग रेट कम हो गया है लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है। डेथ रेट और संक्रमण रेट बढ़ रहा है। आगरा में हॉटस्पॉट है। मुंबई में बुरा हाल है। दिल्ली में भी स्थिति ठीक नहीं है। हम धार्मिक और शरीफ लोग हैं, जो भी ऊपर से मदद जाएगी, उसे स्वीकार करेंगे। धूप में सारा दिन न बैठे रहें, बुखार हो जाएगा।

सवालः किसी का रोग प्रतिरोध क्षमता अच्छी है तो क्या उसके संक्रमित होने के चांस होंगे?

डॉ. नरेश त्रिहनः 80 परसेंट लोगों को कोरोना है लेकिन लक्षण नहीं है। इसका मतलब ये है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक है। घऱ में हैं तो भी व्यायाम करें। साइकिल चलाएं। आधा-पौन घंटा रोज करो।

सवालः होम्योपैथी और आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है कि हम प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं क्या ऐसा कुछ चल रहा कि तीनों के सहयोग से कुछ काम हो सके?

डॉ. नरेश त्रिहानः आयुर्वेद को लेकर हम मेंदाता में काम कर रहे हैं। 30 रोगियों पर अध्ययन हो गया है। उसका विश्लेषण कर रहे हैं। आयुर्वेदा, यूनानी, चाइनीज का तरीका शरीर को रोग से लड़ने के लिए तैयार करना है। इस भयंकर समय में कर सकें तो फायदा होगा। पीपली और गिलोय का कॉम्बीनेशन बनाया गया है। उसे दे रहे हैं। इसके रिजल्ट बताएंगे।

सवालः मधुमेह रोगियों को दवाई नहीं मिल पा रही है तो ऐसे में क्या करें? आगरा हॉटस्पॉट है। लगता नहीं है कि यहां लॉकडाउन खुलेगा।

डॉ. नरेश त्रिहानः सोमवार से ये समस्या कम होनी शुरू हो जाएगी क्योंकि ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू हो गया है। खुशी है कि आगरा विकास मंच वाले कितना अच्छा काम कर रहे हैं।

डॉ. सुनील शर्माः हम सर्जरी कितने समय तक टाल दें?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः बिलकुल न करें। कैंसर से संबंधित या इलेक्टिव और इमरजेंसी सर्जरी तो करनी होगी। कोविड टेस्ट कर लीजिए। हम रोज कर रहे हैं सर्जरी। स्क्रीन पहनकर पेशेंट को देख रहे हैं, जिसे पुनर्प्रयोग कर सकते हैं। सर्जरी में एन-95 मास्क का प्रयोग करें।

dr praveen chandra
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डॉ. बीके अग्रवालः हम अपने यहां मरीजों को देखना कैसे शुरू करें। क्योंकि अगर एक भी व्यक्ति कोरोना सकारात्मक मिला तो 14 दिन के लिए एकांतवास में रहना होगा?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः अपने क्लीनिक में मरीजों को दूर-दूर बैठाएं। जब मरीज अंदर आ रहा है तो उसकी स्क्रीनिंग हो, टेम्परेचर लें, खांसी, बुखार के बारे में पूछे। ऐसे मरीज को अन्य के पास भेज दें। देखना है तो अलग रूम में देखें पूरी सुरक्षा के साथ।

डॉ. सुनील शर्माः  क्या मेदांता कोविड पेशेंट को ले रहा है?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः हम पहले फ्लू क्लीनिक में भेजते हैं। जिसे लगता है कोविड है, तो उसे कोविड वार्ड में भेज देते हैं।

सवालः डॉ. दीपक बंसल को कोरोना हुआ। उन्हें एसएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन लिया, जिससे आराम है। क्या ये दवा कारगर है?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः कुछ में काम हो सकता है, लेकिन कोई प्रमाण नहीं है कि यह ठीक करती है। कोविड में दवा खाएं या न खाएं, 14 दिन में ठीक होंगे। हम अन्य संक्रमण का इलाज करते हैं। नेबुलाइजर से भी प्रारंभिक राहत मिलेगी, लेकिन कोई इलाज नहीं है।

सवालः आगरा विकास मंच के कार्यकर्ता फील्ड में हैं, जनता के बीच कर काम कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए क्या करें?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः खाना समय पर खाएं। पानी और चाय लेते रहे। पेट खाली न रहे। थर्मस में पानी और चाय लेकर जाएं। फल साथ में रख लें ताकि प्रतिरोधक क्षमता बनी रही। मल्टी विटामिन लें। मास्क हमेशा लागकर रखें। सेनेटाइजर का उपयोग करें। साबुन से हर एक घंटे पर हाथ साफ रखें। बैग में बिस्कुट रखें।

सवालः अमेरिका में शोध हुआ है कि पेट के बल लिटाकर ऑक्सीजन फेंफड़ों में अधिक जाती है। क्या ये सही बात है?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः जब वेंटीलेटर काम नहीं करता है तो उसे पेट के बल लिटाते हैं। यह पुरानी पद्धित है। लेकिन इस बात की चर्चा इस समय अधिक है क्योंकि सीरियस थे पेशेंट।

सवालः क्या सामान्य व्यक्ति भी पेट के लेटकर व्यायाम कर सकता है?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः जरूर करें। प्राणायाम करें। गहरी सांस लें।

सुशील कुमार जैनः कोरोना संक्रमित मृतक के कारण संक्रमण फैल सकता है क्या?

डॉ. प्रवीन चन्द्राः  फैल सकता है। इसलिए क्रियाकर्म सावधानीपूर्वक करना है।