Agra, Uttar Pradesh, India.कोल्ड स्टोरेज स्वामी सुरेश चौहान के इकलौते पुत्र सचिन चौहान का अपहरण कर उसके दोस्तों ने ही हत्या की थी। कोरोना संक्रमित का शव बताकर बल्केश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया। मृतक का नाम और पता फर्जी लिखवाया। दूसरे दिन यमुना में अस्थियां विसर्जित कर दीं। हत्या के बाद दो करोड़ की फिरौती वसूलने की योजना थी। हत्या में शामिल पांच अभियुक्तों को पुलिस के विशेष जांच दल ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हत्यकांड की परत दर परत खुल गई।
21 जून से गायब था सचिन
दयालबाग के जयराम बाग निवासी सुरेश चौहान का बेटा सचिन चौहान (25 वर्षीय) 21 जून, 2021 को दोपहर साढ़े तीन बजे घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं आया। दूसरे दिन उन्होंने न्यू आगरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 23 जून से इस मामले में एसटीएफ (विशेष जांच दल) लगा दी गई।
इन्हें किया गिरफ्तार
एसटीएफ की टीम ने रविवार रात को वाटरवर्क्स चौराहा के पास से दयालबाग में तुलसी विहार निवासी सुमित आसवानी, कमला नगर निवासी हैप्पी खन्ना, मनोज बंसल उर्फ लंगड़ा, रिंकू और दयालबाग के सौरभ निकुंज निवासी हर्ष चौहान को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से सात मोबाइल, 1200 रुपये ओर दो कार बरामद कर लीं। आरोपितों ने पूछताछ में घटना कुबूल ली।
फिरौती इस तरह से बांटी जानी थी
एसएसपी मुनिराज जी. ने पत्रकारों को बताया कि सुमित आसवानी का दयालबाग में स्पोर्ट्स क्लब है। इसमें हर्ष और सचिन का आना-जाना था। सुमित से दोनों की दोस्ती थी। सचिन के कोल्ड स्टोरेज और ठेकेदारी में साझीदार लेखराज के बेटे हर्ष के कहने पर सुमित आसवानी ने सचिन को 40 लाख रुपये उधार दिए थे। ये अभी तक सचिन ने वापस नहीं किए थे। हर्ष ने सुमित के साथ मिलकर यह साजिश रची कि सचिन का अपहरण कर उसके पिता से दो करोड़ रुपये की फिरौती वसूली जाएगी। इसमें से हर्ष को एक करोड़ रुपये मिलने थे। सुमित अपने 40 लाख रुपये काटकर अन्य साथियों में बांट देता। एसएसपी ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ अभी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपितों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पहले शराब पिलाई, फिर हत्या
सुमित ने 21 जून को सचिन को वाट्सएप काल करके पार्टी के लिए बुलाया था। मॉडल शॉप से शराब की बोतल खरीदीं। इसके बाद सचिन को लेकर वे पोइया घाट के पास एक बंद पड़े आरओ प्लांट में ले गए। वहां पहले उसे शराब पिलाई। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। सुमित उसके ऊपर बैठ गया और मुंह दबा लिया। अन्य में से किसी ने पैर पकड़े और किसी ने हाथ। हत्या करने के बाद वे शव को मारुति वैन में रखकर ले गए। कमला नगर में मेडिकल स्टोर से पीपीई किट खरीदी। इसके बाद बल्केश्वर घाट पर रात में पहुंच गए।
क्षेत्र बजाजा कमेटी कार्यालय में फर्जी पता लिखवाया
रात दस बजे उन्होंने क्षेत्र बजाजा के कार्यालय से अंतिम संस्कार का सामान लिया। यहां मृतक का नाम रवि वर्मा और पता 12 ए सरयू विहार, कमला नगर लिखा दिया। पर्ची पर फर्जी नंबर लिखवा दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर सभी अपने-अपने घर चले गए। दूसरे दिन जाकर हैप्पी और रिंकू ने अस्थियां यमुना में विसर्जित कर दीं।
सिम खरीदने जा रहे थे, पकड़े गए
हत्यारोपी फिरौती के लिए कॉल करने के लिए सिम खरीदने जा रहे थे। तब तक एसटीएफ ने दबोच लिए। एसटीएफ ने उस नाम और पते की भी जानकारी की, जिसका नाम क्षेत्र बजाजा कार्यालय की रसीद में लिखवाया था। पुलिस इस पते पर पहुंची तो पता चला कि वहां रवि वर्मा नाम का व्यक्ति नहीं रहता है।

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