नृसिंह अवतार सिखाता है धर्म का मार्ग… भागवत कथा में श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज ने बताया मानव जीवन का उद्देश्य

RELIGION/ CULTURE

आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं ने भक्ति और भाव के साथ कथा अमृत का रसपान किया। कथा व्यास भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) ने परीक्षित जन्म, सृष्टि की रचना एवं भगवान नृसिंह अवतार का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा व्यास ने कहा कि राजा परीक्षित का जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि मनुष्य को जीवन के प्रत्येक क्षण का सदुपयोग भगवान की भक्ति और सत्संग में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण का प्राकट्य ही मानव कल्याण के लिए हुआ है। यह ग्रंथ मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से निकालकर ईश्वर के चरणों में समर्पण का मार्ग दिखाता है।

सृष्टि रचना प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि भगवान की दिव्य शक्ति का विस्तार है। जीवात्मा जब अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान लेती है तो उसका जीवन सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति के माध्यम से आत्मकल्याण करना है।

नृसिंह अवतार प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा और विश्वास ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चे भक्त का कोई भी अहित नहीं कर सकता। भगवान नृसिंह का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और भक्तों की रक्षा का सनातन संदेश देता है। जब-जब धर्म संकट में पड़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर अपने भक्तों का कल्याण करते हैं।

कथा के दौरान मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत ने श्रद्धापूर्वक व्यास पूजन किया। दैनिक यजमान मुकेश गोयल एवं कुमकुम गोयल ने भी व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर महंत अनंत उपाध्याय एवं कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि 10 जून को कथा के तृतीय दिवस ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र एवं भगवान वामन अवतार के दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ लेने का आग्रह किया।

इस अवसर पर अशोक अग्रवाल, संजीव नेहरू, अपूर्व मित्तल, सुजाता अग्रवाल, भावना, ममता, नीलम गर्ग, रुचि सारस्वत, धर्मेंद्र बॉबी, निर्मल, सूरज तिवारी, दीपक गुप्ता, शिप्रा गुप्ता, शिल्पी तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh