​’फर्जी था मुकदमा’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को आशुतोष ब्रह्मचारी ने नकारा, रामचंद्र दास पर लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली: ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर चल रहा विवाद एक नए और चौंकाने वाले मोड़ पर आ गया है। शंकराचार्य पर बटुकों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज अब अपने बयानों से पूरी तरह पलट गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर स्वीकार किया है कि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जो भी मुकदमा दर्ज कराया था, वह पूरी तरह से ‘फर्जी’ था।

​रामचंद्र दास के इशारे पर रची गई साजिश

आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने कबूलनामे में खुलासा किया कि यह सारा षड्यंत्र उनके ही गुरुभाई रामचंद्र दास ने रचा था। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचंद्र दास ने ही उन्हें गुमराह कर दबाव बनाया और शंकराचार्य के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करवाया। इतना ही नहीं, आशुतोष का दावा है कि रामचंद्र दास ने एक फर्जी वसीयत तैयार की थी, जिसके जरिए देवा बाबा के आश्रम पर अवैध कब्जा कर लिया गया।

​एसएसपी को दी शिकायत, कोर्ट तक जाने की तैयारी

आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस संबंध में मथुरा के एसएसपी को औपचारिक शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करती, तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। आशुतोष ने कहा, “मैंने पहले जो भी किया, वह भारी दबाव में आकर किया था, लेकिन अब मैं सच की लड़ाई लड़ूँगा।”

उन्होंने यह भी संकेत दिए कि उनके पास चैट और सबूतों का एक बड़ा भंडार मौजूद है, जिससे यह साबित होगा कि दो आश्रमों को हथियाने के लिए यह पूरी पटकथा लिखी गई थी।

​क्या था पूरा मामला?

ज्ञात हो कि प्रयागराज माघ मेले के दौरान तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में 8 फरवरी को प्रयागराज की विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी। इसके बाद 21 फरवरी को कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया था।

अब आशुतोष के इस यू-टर्न ने पूरे मामले में नया राजनीतिक और धार्मिक भूचाल ला दिया है। आशुतोष ने कहा है कि वह जल्द ही उन सभी लोगों के नाम भी उजागर करेंगे जो इस पूरी साजिश में पर्दे के पीछे से शामिल थे।

Dr. Bhanu Pratap Singh