Noida (Uttar Pradesh, India)। कोरोना संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं से लोग वंचित न होने पाएं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का नियमित लाभ लाभार्थियों तक पहुंचे इसकी व्यवस्था की गयी है। नई व्यवस्था में अब आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गयी है। आशा कार्यकर्ता से तालमेल कर लाभार्थी फार्म जमा कर योजना का लाभ ले सकेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था के तहत क्षेत्रवार आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गयी है। आशा कार्यकर्ता लाभार्थियों के फार्म जमा करेंगी। इसके लिए लाभार्थी फोन कर आशा को नियत स्थान पर बुलाकर फार्म जमा करा सकेंगे।
sifpsa.org पर उपलब्ध
जिला कार्यक्रम समन्वयक पारस गुप्ता ने बताया कोविड-19 के चलते लाभार्थी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के फार्म कार्यालय में जमा नहीं करा पा रही हैं। इसके लिए क्षेत्रवार आशा एएनएम के नाम और फोन नबंर की सूची जारी की गयी है। लाभार्थी अपने क्षेत्र की आशा-एएनएम से संपर्क कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के लिए आवेदन फार्म सिप्सा की वेबसाइट sifpsa.org पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया सामान्य दिनों में आशा कार्यकर्ता क्षेत्रों में शिविर लगाकर योजना के फार्म एकत्रित कर लेती थीं। वेरिफिकेशन सहित अन्य जरूरी औपचारिक कार्यवाही करके फार्म सीएमओ कार्यालय में जमा करा देती थीं। लाभार्थी सीधे भी फार्म जमा कर सकते थे, परन्तु अब यह सभी प्रक्रिया आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से होगी। लाभार्थी फोन करके आवेदन फार्म आशा कार्यकर्ताओं के पास जमा करा सकेंगी।
ये है जरूरी
योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिला को 5000 रुपये की धनराशि दी जाती है, चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया हो। पंजीकरण के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, मां के बैंक अकाउंट (पासबुक की फोटो कापी) की डिटेल जरूरी है। मां का बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिये। निजी अकाउंट ही मान्य होगा। यदि बच्चे का जन्म हो चुका है तो मां और बच्चे दोनों के टीकाकरण का प्रामाणिक पर्चा होना जरूरी है। उन्होंने बताया पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रूपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जाँच होने पर (गर्भावस्था के छह माह बाद) दूसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रूपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक ने लाभार्थियों की सुविधा और अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किये हैं। 9026304480- 8882228683 पर योजना से संबंधित मदद ली जा सकती है।
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