Agra, Uttar Pradesh, India. कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान भाजपा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन कोहली में हुई तकरार पतंगों की डोर ने एक झटके में खत्म कर दी। मौके पर खड़े सैकड़ों लोगों ने जब ये नजारा देखा तो उनकी आंखें खुली रह गई। नितिन कोहली ने सांसद के पैर छूकर त्योहार की बधाई दी। इसके बाद सांसद ने उनका हाथ पकड़ा और स्टेज पर ले गए। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विदित हो कि लॉकडाउन के दौरान प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रदेश अध्यक्ष लोहिया नितिन कोहली अपने कमला नगर स्थित आवास के बाहर गरीब लोगों को राशन की किट वितरित कर रहे थे। इस दौरान वहां से भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल निकल रहे थे जिनका किसी बात को लेकर उनसे विवाद हो गया था। मामले ने तूल पकड़ लिया और दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप के तीर चले थे। मामले की जानकारी होने पर प्रसपा का प्रतिनिधिमंडल आगरा आया और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात भी की थी।

गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर यमुना किनारे व्यू पॉइंट पर पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ताजनगरी के सभी दलों के नेता और समाजसेवी आदि पहुँचे। इस दौरान भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल और प्रसपा प्रदेश अध्यक्ष लोहिया नितिन कोहली की आंखें भी चार हुईं। इस दौरान नितिन कोहली ने सांसद के पैर छुए और उनको मकर संक्रांति की बधाई दी। थोड़ी देर बाद स्टेज से एसपी सिंह बघेल को स्मृति चिन्ह से किसी अन्य अतिथि के हाथ से स्मृति चिन्ह दिया जाना था जिस पर उन्होंने नितिन कोहली के हाथ से स्मृति चिन्ह लेने की बात कही। भाजपा सांसद ने नितिन कोहली का हाथ पकड़ा और उनको अपने साथ स्टेज पर ले गए। इसके बाद नितिन कोहली ने एसपी सिंह बघेल को स्मृति चिह्न दिया। सांसद ने उनको स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
यह नजारा देख हर कोई पतंग उड़ाना या देखना तो भूल गया। हर कोई उनकी तरफ निगाहे गड़ाए देखता रह गया। वही सांसद का सम्मान करते हुए नितिन कोहली ने उनके पैर छुए। इसके बाद तो वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया। दोनों ने एक दूसरे से काफी समय तक बातचीत की।
- आगरा में यमुना आरती स्थल पर जागी आध्यात्मिक चेतना, कवियों के शब्द बने भक्ति की आरती - March 2, 2026
- जब बच्चों ने खुद टांगा अपना बैग: बैजंती देवी इंटर कॉलेज आगरा में ‘नौनिहाल महोत्सव’ बना आत्मनिर्भरता का उत्सव - February 24, 2026
- शंकराचार्य विवाद पर गौरीशंकर सिंह सिकरवार का ये आलेख आपने पढ़ा क्या - February 24, 2026