दसवीं शताब्दी में भगवान झूलेलाल का वरुणावतार क्यों हुआ, पढ़िए “झूलेलाल बेड़ा ही पार” का महत्व
सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल को जल के देवता Varuna का अवतार माना जाता है। सिंधी समाज में यह मान्यता है कि जब धर्म, आस्था और मानवता पर संकट आया, तब भगवान ने झूलेलाल के रूप में अवतार लेकर अपने भक्तों की रक्षा की। इसलिए सिंधी समाज में उनका जयघोष किया जाता है — “झूलेलाल बेड़ा ही पार”।
जन्म और प्रारंभिक जीवन
भगवान झूलेलाल का जन्म लगभग 10वीं शताब्दी में सिंध प्रांत के Nasarpur में हुआ माना जाता है। उनके पिता का नाम Ratanchand Lohano और माता का नाम Devaki Bai बताया जाता है। जन्म के समय उनका नाम उदयचंद रखा गया था। किंवदंती के अनुसार जब वे पालने में झूलते थे तो पालना स्वयं झूलने लगता था, इसी कारण लोगों ने उन्हें प्रेम से झूलेलाल कहना शुरू कर दिया।
सिंध में अत्याचार और अवतार का उद्देश्य
उस समय सिंध में Mirkshah नामक शासक का शासन था। कहा जाता है कि वह हिंदुओं पर अत्याचार करता था और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करता था। इससे दुखी होकर सिंधी समाज ने जल के देवता Varuna से प्रार्थना की। उनकी प्रार्थना सुनकर भगवान ने झूलेलाल के रूप में अवतार लिया और समाज को साहस तथा धर्म की रक्षा का संदेश दिया।
चमत्कार और संदेश
भगवान झूलेलाल ने अपने जीवन में कई चमत्कार दिखाए और लोगों को समानता, प्रेम, भाईचारा और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश दिया। कहा जाता है कि उन्होंने मिर्कशाह को समझाया कि सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। उनके उपदेशों से प्रभावित होकर शासक ने अत्याचार बंद कर दिए और लोगों को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता दी।
सिंधी समाज के आराध्य देव
भगवान झूलेलाल को सिंधी समाज दरियालाल और उदयलाल के नाम से भी याद करता है। उनका प्रतीक रूप प्रायः मछली पर विराजमान संत के रूप में दिखाया जाता है, जो जल और जीवन के संतुलन का प्रतीक है। आज भी सिंधी समाज हर वर्ष Cheti Chand के दिन उनका जन्मोत्सव बड़े उत्साह से मनाता है। यह दिन सिंधी नववर्ष भी माना जाता है।
आस्था का प्रतीक
भगवान झूलेलाल का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है — धर्म से ऊपर मानवता, और समाज में प्रेम व सद्भाव। यही कारण है कि सिंधी समाज में हर शुभ कार्य से पहले श्रद्धा से कहा जाता है —
“झूलेलाल बेड़ा ही पार।”

चंद्रप्रकाश सोनी
(लेखक सिंधी सेंट्रल पंचायत आगरा के अध्यक्ष और जाने-माने समाजसेवी हैं)
- Paf Casino-plattformen – VIP-system för medlemmar i Sverige - August 1, 2026
- Swift Casino – Facili passaggi per registrarsi per i giocatori italiani - July 31, 2026
- სადაც გართობა და იღბალი ხვდება ერთმანეთს Efbet Casino-ში - July 31, 2026