नई दिल्ली। बीजेपी ने शनिवार शाम उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए डॉ. हर्षवर्धन का टिकट काट दिया था. पार्टी ने उनकी जगह प्रवीण खंडेलवाल को टिकट दिया है. इसके बाद डॉ. हर्षवर्धन ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखकर राजनीति से दूर हटने के अपने फैसले के बारे में बताया. उन्होंने लिखा, ‘तीस साल से अधिक के शानदार चुनावी करियर में मैंने पांच विधानसभा और दो लोकसभा चुनाव लड़े, जो मैंने बड़े अंतर से जीते, पार्टी संगठन और राज्य एवं केंद्र की सरकारों में कई प्रतिष्ठित पदों पर काम किया, लेकिन अब अपनी जड़ों की ओर लौटने का वक्त आ गया है.’
इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘पचास साल पहले जब मैंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने की इच्छा के साथ जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर में एमबीबीएस में प्रवेश लिया तो मानव जाति की सेवा ही मेरा आदर्श वाक्य था. दिल से एक स्वयंसेवक, मैं हमेशा कतार के अंतिम व्यक्ति की सेवा करने के प्रयास के दीन दयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन का उत्साही प्रशंसक रहा हूं. तत्कालीन आरएसएस नेतृत्व के आग्रह पर मैं चुनावी मैदान में कूदा. वे मुझे केवल इसलिए मना सके क्योंकि मेरे लिए राजनीति का मतलब हमारे तीन मुख्य शत्रुओं – गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ने का अवसर था.’
डॉ. हर्षवर्धन ने अपनी पोस्ट में उन सभी लोगों का आभार भी व्यक्ति किया, जिन्होंने उनके तीन दशकों के राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण योगदान. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और कहा कि देश फिर से सत्ता में उनकी वीरतापूर्ण वापसी की कामना करता है.’
इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘मुझे कई वादे निभाने हैं.. और मीलों चलना है!! मेरा एक सपना है… और मैं जानता हूं कि आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा. कृष्णा नगर में मेरा ईएनटी क्लिनिक भी मेरी वापसी का इंतजार कर रहा है.’
– एजेंसी
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