दिल्ली में काल बनी आग: पालम में भीषण अग्निकांड से कोहराम, मासूम बच्चियों समेत 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत

REGIONAL

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार सुबह उस वक्त दहल उठा, जब एक पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित इस बिल्डिंग में लगी आग इतनी भयावह थी कि इसमें 3 मासूम बच्चियों समेत कुल 9 लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 3 साल की बच्ची से लेकर 70 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं।

​सुबह 7 बजे मची चीख-पुकार, धुएं के गुबार में फंसी जिंदगियां

हादसा बुधवार सुबह करीब 7 बजे हुआ। पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित इस ऊंची इमारत के निचले हिस्से (बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर) में कपड़ों और कॉस्मेटिक की दुकानें व गोदाम थे। ऊपरी मंजिलों पर परिवार रहता था। चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। दम घुटने और आग की तपिश से बचने के लिए दो लोगों ने ऊंची इमारत से छलांग लगा दी, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: 30 दमकल गाड़ियां और घंटों की मशक्कत

​दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सूचना मिलते ही दमकल की 30 गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। संकरी गलियों और भारी धुएं के बीच राहत कार्य शुरू किया गया। दमकल अधिकारी एसके दुआ ने बताया कि इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। नीचे व्यावसायिक गतिविधियों (दुकानों) की वजह से आग तेजी से फैली और सीढ़ियों वाला रास्ता बंद हो गया। ऊपर की मंजिलों पर धुआं भर जाने के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही फंस गए।

​एक ही झटके में उजड़ गया परिवार

​मृत्तक परिवार पालम गांव का मूल निवासी था और वर्षों से यहीं कॉस्मेटिक का कारोबार कर रहा था। हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। मृतकों में कमल (39), प्रवेश (33), अनिल (32), आशू (35), दीपिका (28), हिमांशी (22) और 70 वर्षीय बुजुर्ग लाडो शामिल हैं। सबसे दुखद पहलू 15, 6 और 3 साल की उन मासूम बच्चियों की मौत रही, जिन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। फिलहाल एक दो साल की बच्ची अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

​न्यायिक जांच के आदेश

​दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी एनओसी ली गई थी या नहीं।

Dr. Bhanu Pratap Singh