Hathras (Uttar Pradesh, India)। कोरोना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य अमला मौसमी बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहा है। जुलाई में मलेरिया व डेंगू के मामले सामने आने लगते हैं। जैसे ही पहली-दूसरी बारिश होती है, इन दोनों रोग का प्रकोप बढ़ जाता है। कोरोना के दौर में भी स्वास्थ्य विभाग इन दोनों बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कमर कस चुका है।
जिला मलेरिया अधिकारी एम जौहरी ने बताया कि फिलहाल छिड़काव शुरू करा दिया गया है। कोशिश यही है कि मलेरिया का प्रकोप न फैले। मलेरिया के साथ डेंगू भी फैलता है। लोगों को बताया जा रहा है कि मलेरिया व डेंगू के यदि कोई लक्षण दिखते हैं तो वह तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें ताकि कोरोना के दौर में यह दोनों बीमारियां अपना असर न डाल सकें। सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि ऐसे मौसम में सावधानी रखना बेहद आवशयक है।
डेंगू के लक्षण
-डेंगू की शुरूआत तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से होती है। शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है।
-आंखें लाल हो जाती हैं और गले के पास की लिम्फ नोड सूज जाते हैं। डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे धीरे तापमान नार्मल हो जाता है।
-मरीज ठीक होने लगता है और फिर से तापमान बढ़ने लगता है। पूरे शरीर में दर्द होता है। हथेली और पैर भी लाल होने लगते है।
-डेंगू हिमोरेगिक बुखार सबसे खतरनाक माना जाता है जिसमें कि बुखार के साथ-साथ शरीर में खून की कमी हो जाती है। शरीर में लाल या बैगनी रंग के फफोले पड़ जाते हैं। नाक या मसूड़ो से खून आने लगता है। स्टूल का भी रंग काला हो जाता है। यह डेंगू की सबसे खतरनाक स्थिति होती है।
डेंगू से बचाव
-डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना बहुत जरूरी है जिनसे डेंगू के वायरस फैलते हैं।
-ऐसी जगह जहां डेंगू फैल रहा है वहां पानी को रूकने नहीं देना चाहिए जैसे प्लास्टिक बैग, कैन, गमले या सड़को या कूलर में जमा पानी।
-मच्छरों से बचने का हर सम्भव प्रयास करना चाहिए जैसे मच्छरदानी लगाना, पूरी बांह के कपड़े पहनना आदि।
-पानी भंडारण के बर्तनों को ढक्कन से ढंका जाना चाहिए।
-सप्ताह मे एक बार कूलर की सफाई करे, हर रविवार मच्छर पर वार
-वर्षा के मौसम मे छत पर रखे पुराने बर्तन , गमलो ,टायर इत्यादि मे पानी इकटठा न होने दे
मलेरिया के लक्षण
-तेज बुखार के साथ ठंड लगना, उल्टी, दस्त ,तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर बढ़ जाना ,सिर दर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया होने के पश्चात शरीर में कमजोरी आदि।
मलेरिया से बचाव
-घर के आसपास पानी एकत्रित ना होने दें।
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छर प्रतिकर्षित करने वाली क्रीम का उपयोग करे
-नीम की पत्ती का धुआ करें।
-बुखार आने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में अथवा आशा कार्यकर्ता से रक्त की जांच अवश्य कराएं।
-घर के आस पास कूड़ा एकत्र ना होने दें
-बुखार का रोगी बिना रक्त की जांच कराए दवा का इस्तेमाल ना करें तथा खाली पेट मलेरिया की दवा ना खाएं।
-संभावित मलेरिया रोगी एस्प्रिन ,ब्रूफेन आदि दवाओं का सेवन ना करें।
- Foxygold Casino Biedt Echt Geld Spelen Op Zijn Best in Nederland - September 16, 2026
- Przerwy Warsztatowe Aviamasters 2 Game – Edukacja z Przerwami w Polsce - September 13, 2026
- Chicken Shoot Game – Vytváření spolehlivosti Krok za krokem na australském trhu - September 13, 2026