उत्तर प्रदेश होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के सदस्य और विश्व रिकॉर्डधारी डॉ. पार्थसारथी शर्मा
भाजपा की ओर से चलाए जा रहे टेली मेडिसिन अभियान को लीड कर रहे हैं
Agra, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के सदस्य, विश्व रिकॉर्डधारी डॉ. पार्थसारथी शर्मा इन दिनों होम्योपैथी के माध्यम से कोरोना को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। वे कहते हैं कि ऑक्सीजन स्तर कम है तो होम्योपैथी मेडिसिन देते ही आराम आता है। कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ती है। साथ ही कहते हैं कि कोरोना से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अपने फैमिली डॉक्टर की सलाह से इलाज करें। सोशल मीडिया पर चल रहे फार्मूलों पर इलाज करेंगे तो मुश्किल हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी ने टेलीमेडिसिन शुरू की है, जिसे मैं लीड कर रहा है। घर बैठे ही इलाज मिल रहा है। मुझसे भी मोबाइल नम्बर 9319102629 पर बात की जा सकती है।
अगर ऑक्सीजन 93 से कम है तो इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए और तुरंत चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता होती है। बहुत से मरीज अस्पताल में बेड ना हो पाने के कारण भर्ती नहीं हो पा रहे हैं ऐसे लोग होम आइसोलेशन में भी अपना इलाज कर सकते हैं। एलोपैथी दवा के साथ-साथ होम्योपैथी दवा भी प्रयोग में लाई जा सकती है। मन के अंदर यह भाव नहीं लाना चाहिए कि अब क्या होगा, मैं तो कोरोनावायरस से संक्रमित हो गया हूं? आपका कॉन्फिडेंस लेवल ऊंचा होना चाहिए। आप कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी यह सोचें कि मुझे कुछ नहीं हुआ है, तभी इस बीमारी से जीत सकते हैं। अदरक, तुलसी लोंग, काली मिर्च, दालचीनी, गुड़, शहद मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए। कोरोनावायरस हमारी इम्युनिटी के कम होने का इंतजार करता है। जैसे ही इम्युनिटी का स्तर डगमगा जाता है, यह हमला कर देता है। रोजाना सुबह गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। ओम की ध्वनि के वाइब्रेशन से भी हमारी इम्युनिटी बढ़ती है। कोरोना को लेकर चल रही तमाम भ्रांतियों के बारे में डॉ. पार्थसारथी शर्मा से लम्बी बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंशः-

प्रश्नः कोरोना के कहर से बचाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः मरीज कोरोना हो या कोरोना नहीं हुआ हो, प्रतिदिन सुबह 7:00 से 9:00 के बीच धूप से के बनियान पजामा उतार कर बैठना चाहिए। त्वचा पर ज्यादा धूप लगे, इस तरह से बैठना चाहिए। इससे कोरोनावायरस हमला नहीं कर पाएगा। अगर कोई व्यक्ति पीड़ित है तो वह भी जल्दी सही हो जाएगा।
प्रश्नः आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए और क्या विकल्प हो सकते हैं।
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए खुली हवा में जाकर लंबी-लंबी गहरी सांसें लें और छोड़ें। इस संबंध में होम्योपैथिक औषधि कार्बो वेज वैनेडियम अच्छा काम कर रही है।
जनसंदेश टाइम्सः आपने ऑक्सीन स्तर ठीक करने के लिए होम्योपैथी दवा कार्बो वेज वैनेडियम की बात कही है। इसका उपयोग अस्पताल में भर्ती मरीजों पर क्यों नहीं करवाते हैं?
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः एलोपैथी डॉक्टर क्यों मानेंगे। सरकार को ये काम करना है। इतना अवश्य है कि होम्योपैथी दवा दें तो ऑक्सीजन की कमी वाला मरीज 15 दिन की जगह 10 दिन में ही अस्पताल से बाहर आ जाएगा। इससे दोनों को लाभ है।

प्रश्नः आप उत्तर प्रदेश होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के सदस्य हैं, तो सरकार से इस दवा के प्रयोग का आदेश क्यों नहीं करवाते?
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः इसके लिए जटिल कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। डॉ. प्रदीपा गुप्ता को भी आयुष मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ी थी। वैसे, कोरोना में होम्योपैथी के उपयोग के लिए मेडिसिन बोर्ड ने आय़ुष मंत्रालय को सुझाव भेजे हैं। प्रदेश सरकार अपने स्तर पर नहीं कर सकती है।
प्रश्नः कोविड-19 के इलाज में होम्योपैथी कितनी कारगर है। मरीजों को क्या बाताना चाहेंगे।
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक इलाज किया जाना चाहिए। होम्योपैथी दवा कारगर साबित हो रही है।
प्रश्नः आपके पास भी कोरोना के मरीज आ रहे होंगे, कैसे कर रहे हैं उनका इलाज।
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश, उल्टी जैसे लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। कोरोना से ग्रसित हो सकते हैं। उनका ऑक्सीजन लेवल चेक कर इलाज कर रहे हैं।
प्रश्नः खानपान कैसा और उसमें क्या रहना चाहिए।
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः रोजाना ताजा पका हुआ भोजन करें। खाली पेट न रहें। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो शुगर को कंट्रोल में रखें।
प्रश्नः मरीज को क्या एहतियात बरतने चाहिए।
डॉ. पार्थसारथी शर्माः बीमार मरीज सावधानी बरतें। अपने शुगर को कंट्रोल में रखें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
प्रश्नः कोरोना टीका लगवाने के बाद भी कोरोना हो रहा है। इसका मतलब है टीके की कोई महत्ता नहीं है?
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः जिन्हें टीका लगेगा, उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट पॉजिटिव ही आएगा। टीका लगवाने से कोरोना के कारण होने वाली मृत्यु जीरो हो जाती है। इसलिए सबको टीका लगवाना चाहिए। आज से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। इसलिए कोविन ऐप पर पंजीकरण कराएं।
प्रश्नः कोरोना न हो, उसकी कोई होम्योपैथी दवा है क्या?
डॉ. पार्थसारथी शर्माः बीमारी किस कारण हैं, इस पर इलाज निर्भर करता है। जैसा कि मैंने पहले ही बताया है कि लक्षण के आधार पर इलाज होता है।
प्रश्नः होम्योपैथी से इलाज कराने वालों को ऐलोपैथी इलाज की जरूरत नहीं है क्या?
डॉ. पार्थ सारथी शर्माः इस समय आवश्यकता मरीज की जान बचाने की है। पैथी की लड़ाई नहीं है। अगर इंजेक्शन की जरूररत है तो वह दिया जाना चाहिए। मरीज के हित में हर पैथी का उपयोग किया जाना चाहिए।
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