सिंधी सेंट्रल पंचायत Agra के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी का समाज के व्हाट्सएप जीवियों को करारा जवाब

RELIGION/ CULTURE

 

15 हजार लोगों का महासंगम: सिंधी समाज ने रचा इतिहास, पुरखों का सपना साकार हुआ

आगरा में सिंधी  सतरंगी शाम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था… वो हमारे पुरखों का सपना था जो हमारी आँखों के सामने साकार हुआ।

जब 15,000 से ज्यादा सिंधी भाई-बहन, बुजुर्ग, मातृशक्ति और युवा एक साथ, एक आवाज़, एक संकल्प के साथ खड़े हुए, तो आगरा शहर ने इतिहास बनते देखा। हमारे समाज के इतिहास में ऐसा जनसैलाब पहली बार उमड़ा है। ये पल हमें पीढ़ियों तक याद रहेगा।

मैं दिल की गहराइयों से नमन करता हूँ:

हमारे बुजुर्गों को, जिनके आशीर्वाद से ये सब संभव हुआ। हमारी माताओं-बहनों को, जो घर-परिवार संभालकर भी समाज के लिए समय निकालकर आईं। हमारे युवाओं को, जिनका जोश देखते ही बनता था। और हर उस शहरवासी को जिसने आकर इस आयोजन को अपना बनाया।

Sindhi cultural program agra

विशेष आभार उन कर्मयोगियों का जिन्होंने दिन-रात पसीना बहाया:

सिंधी सेंट्रल पंचायत के सभी पदाधिकारियों, हर मोहल्ला पंचायत, और सभी सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों को हृदय से बधाई।

जो आयोजन की रीढ़ बनी उस आयोजन समिति के संयोजक, उप-संयोजक, मेला महामंत्री, मेला कोषाध्यक्ष और समिति के हर एक सदस्य को मैं दिल से बधाई देता हूँ। आप लोगों ने महीनों से अपना सुख-चैन त्यागकर, दिन-रात एक करके इस आयोजन की रूपरेखा बनाई और उसे भव्यता तक पहुँचाया। आपकी दूरदर्शिता और मेहनत के बिना ये असंभव था।

उन सभी युवाओं को विशेष प्रणाम जिन्होंने दिन-रात पसीना बहाया। पंडाल में, मैदान में, व्यवस्थाओं में, कहीं कुर्सी लगाते, कहीं पानी पिलाते, कहीं बुजुर्गों का हाथ पकड़कर उन्हें सीट तक पहुँचाते। आप इस आयोजन के असली हीरो हैं। आपने साबित कर दिया कि हमारी नई पीढ़ी संस्कारों और सेवा में सबसे आगे है।

Sindhi cultural program

आखिरी पंक्ति के उस कार्यकर्ता तक को मेरा प्रणाम जिसने बिना नाम की चाहत के बस काम किया। ये सफलता आप सबके पसीने की है।

अब बात उन चंद WhatsApp जीवियों की…

जो साल भर समाज से दूर रहकर, सिर्फ मोबाइल की स्क्रीन पर बैठकर समाज को तोड़ने की बातें करते हैं, अफवाह फैलाते हैं, गंदगी फैलाते हैं। आपके हर सवाल का जवाब कल समाज ने दे दिया।

जवाब जुबान से नहीं, 15 हजार लोगों के अनुशासन से दिया। जवाब वाद-विवाद से नहीं, एकता के महाकुंभ से दिया।

आप कहते थे समाज बिखरा हुआ है। कल का जनसैलाब देख लीजिए। यही हमारी एकता है। आप कहते थे युवा आगे नहीं आते। कल मैदान में पसीना बहाते युवाओं को देख लीजिए। यही हमारा भविष्य है। आप कहते थे कुछ नहीं हो सकता। कल का इतिहास देख लीजिए। यही हमारी ताकत है।

समाज WhatsApp के फॉरवर्ड से नहीं बनता, समाज जमीन पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने से बनता है। कल 15 हजार कंधे एक साथ खड़े थे।

ये शुरुआत है। अपने बच्चों को ये तस्वीरें दिखाइएगा। बताइएगा कि उनके समाज ने इतिहास रचा था।

एक बार फिर आप सभी को इस ऐतिहासिक, अभूतपूर्व, अविस्मरणीय सफलता की हार्दिक बधाई। गर्व से कहो हम सिंधी हैं।

जय झूलेलाल! जय-जय सिंधी समाज!

चन्द्र प्रकाश सोनी, अध्यक्ष सिंधी सेंट्रल पंचायत आगरा


संपादकीय

जब समाज बिखरने की कगार पर होता है, तब कोई एक नेतृत्व ऐसा उभरता है जो उसे फिर से जोड़ देता है। चन्द्र प्रकाश सोनी ने वही भूमिका निभाई है।

सिंधी जी सतरंगी शाम सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह एक संगठन, नेतृत्व और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण था। जिस तरह से 15 हजार लोगों को एक मंच पर लाना, उन्हें अनुशासन में रखना और एक सकारात्मक संदेश देना — यह कोई साधारण कार्य नहीं है।

Sindhi cultural program

 

आज के दौर में जहां समाज छोटे-छोटे मतभेदों में बंटता जा रहा है, वहां चन्द्र प्रकाश सोनी ने यह साबित कर दिया कि यदि नेतृत्व मजबूत हो, नीयत साफ हो और सोच व्यापक हो, तो कोई भी समाज नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

उनकी कार्यशैली में एक स्पष्टता है, एक प्रतिबद्धता है और सबसे बड़ी बात — समाज के प्रति सच्चा समर्पण है। उन्होंने न केवल कार्यक्रम किया, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार किया जिसमें हर व्यक्ति को लगा कि वह इस इतिहास का हिस्सा है।

ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि भीड़ नहीं होती, बल्कि वह भावना होती है जो लोगों के दिलों में घर कर जाती है। और इस कसौटी पर यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।

चन्द्र प्रकाश सोनी और उनकी पूरी टीम बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने यह साबित किया कि जब इरादे बुलंद हों, तो इतिहास रचना मुश्किल नहीं होता।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

 

Dr. Bhanu Pratap Singh