​’हर घर नल’ योजना पर सीएम योगी का तंज: बोले- हम नल लगा रहे, और कुछ लोग टोटी चोरी कर ले जा रहे…

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लखनऊ: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाभियान-2026 की शुरुआत की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण पर बात करते हुए सीएम योगी ने अपने संबोधन में एक ऐसी टिप्पणी की, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।

​टोटी चोरी होने पर सीएम योगी का तंज

मुख्यमंत्री ने ‘हर घर नल योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कुछ शरारती तत्व इस योजना को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “हमने हर घर नल की योजना को आगे बढ़ाया, लेकिन पता चला कि कोई टोटी चोरी कर रहा है। कोई अन्य तरीके से उसे नुकसान पहुँचा रहा है। नल खुला है तो खुला छोड़ दिया जाता है।” सीएम का यह अंदाज सुनते ही वहां मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी हंसी नहीं रोक सके।

​पर्यावरण संरक्षण के लिए सीएम के 5 संकल्प

सीएम योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से पांच संकल्प लेने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर नागरिक कम से कम एक पेड़ मां के नाम पर अवश्य लगाए। पेड़ लगाना ही नहीं उसकी सुरक्षा का दायित्व भी लें। कोई शरारती तत्व जो पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, अन्य जीव-जन्तुओं से भी बचाना चाहिए। उसकी रक्षा करनी है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा दायित्व बनता है कि हम अगर कोई व्यक्ति चोरी कर रहा है तो उसको टोकें। कोई व्यक्ति टोटी खोल कर जा रहा है, उसको भी रोके। चौथा संकल्प ये होना चाहिए कि सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह से रोके। उससे इससे भी पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। पांचवां संकल्प है कि प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली को अपनाना होगा।

‘जनभागीदारी के बिना संभव नहीं समाधान’

अपने संबोधन में सीएम योगी ने पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि पर्यावरण और धरती माता को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों से दूरी बनाए और संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करें।

सीएम योगी ने साफ संदेश दिया कि हमें हमेशा याद रखना चाहिए- पर्यावरण बचा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बची तो सारी जीव सृष्टि भी सुरक्षित रहेगी। तेजी से बढ़ता प्रदूषण, लगातार घटते जंगल और बिगड़ता पर्यावरणीय संतुलन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इस समस्या का हल जनता की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।

Dr. Bhanu Pratap Singh