विभाजन के दर्द और विस्थापित परिवारों के त्याग को याद कर भावुक हुए लोग: पंजाबी सभा आगरा महानगर की अनूठी पहल

PRESS RELEASE

आगरा। देश के विभाजन के समय असहनीय दर्द और पीड़ा झेलने वाले परिवारों की याद में उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में पंजाबी समाज ने अपनी नम आंखों और अटूट श्रद्धा के साथ ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया। पंजाबी सभा आगरा महानगर के तत्वावधान में शुक्रवार को मारुति एस्टेट स्थित मारुति रेजिडेंसी परिसर में एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ समाज के लोगों ने एकत्र होकर मोमबत्ती जलाई और विभाजन का दंश झेलने वाले महान बलिदानियों व पूर्वजों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

​विस्थापित परिवारों के संघर्ष और पुरुषार्थ को किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान पंजाबी सभा के मीडिया प्रभारी रोहित कत्याल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि विभाजन के उस काले दौर में पंजाबी समाज के हजारों लोगों ने अखंड भारत के पूर्व और वर्तमान पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों—विशेष रूप से लाहौर, मुल्तान, रावलपिंडी, चणयोट और फतेहगढ़ आदि क्षेत्रों—से अपना सब कुछ, अपनी पैतृक जमीन और संपत्ति पीछे छोड़कर खाली हाथ भारत की सीमा में शरण ली थी।

उन्होंने आगे कहा कि इन विपरीत परिस्थितियों और भयानक दुखों के बावजूद हमारे बुजुर्गों ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने कठिन पुरुषार्थ, असीम मेहनत और बेईमान ईमानदारी के बल पर शून्य से शुरुआत की और अपने-अपने परिवारों को नए सिरे से स्थापित करते हुए समाज में एक मिसाल कायम की।

गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति

इस श्रद्धांजलि सभा और मोमबत्ती मार्च के दौरान पंजाबी समाज के कई प्रतिष्ठित और गणमान्य लोग पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जगदीश बत्रा, विश्वनाथ जुनेजा, रोहित कत्याल, समर सिंह, अश्वनी खन्ना, रोहित वडेरा, मनोज बजाज, संजय बत्रा, निवेश अग्रवाल, मुकेश मित्तल, राजेश आनंद, अमित कौरा, दिलीप जैसवानी, नेहा बत्रा, कशिश खत्री, परी वाधवानी, टीना वर्मा और रीता अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाज के अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh