Lucknow, (Uttar Pradesh, India)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लाॅक डाउन का मतलब टोटल लाॅक डाउन है। इसलिए लाॅक डाउन का सख्ती से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए। लाॅक डाउन का उल्लंघन अथवा दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने समस्त गतिविधियों में प्रत्येक दशा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
टेस्टिंग क्षमता बढ़ाये जाने पर बल
मुख्यमंत्री में यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लाॅक डाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि लाॅक डाउन अवधि में आवश्यक सामग्री की सुचारु आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। किसी को भी सप्लाई चेन व्यवस्था के दुरुपयोग की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन में लगे लोगों की भी मेडिकल जांच होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को संस्थाओं द्वारा कम्युनिटी किचन में उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की जांच के निर्देश भी दिए। टेस्टिंग क्षमता को तेजी से बढ़ाये जाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर एक टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए जिससे अधिक संख्या में टेस्टिंग सम्भव हो सके। अलीगढ़, सहारनपुर तथा मुरादाबाद संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इसलिए इनके मण्डलीय चिकित्सालय में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। जांच कार्य में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक मेडिकल टेक्नीशियनों की टेªनिंग कराई जाए। जांच प्रयोगशालाओं के उपकरणों को दुरुस्त रखा जाए।
10 जनपद हुए कोरोना मुक्त
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अभी तक संक्रमण प्रभावित 10 जनपद कोरोना मुक्त हो चुके हैं। 22 जिले पहले से ही कोरोना मुक्त हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश के कुल 32 जनपद कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुक्त जनपदों में भी पूरी सतर्कता एवं सभी सावधानियां बरतना आवश्यक है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में सुरक्षा चक्र टूटने न पाये। उन्होंने सभी पेन्डिंग सेम्पल की शीघ्र जांच कराने तथा संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी मानकों व दिशा-निर्देशों का पालन न कर मेडिकल इन्फेक्शन फैलाने वाले निजी चिकित्सालयों को सील कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों तथा मेडिकल काॅलेजों द्वारा संक्रमण से सुरक्षा के लिए अपनायी जा रही व्यवस्था का पर्यवेक्षण प्रदेश सरकार के एक मेडिकल आॅफिसर द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल इन्फेक्शन से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक आइसोलेशन बेड पर रोगी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होने चाहिए। प्रत्येक 10 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों व अन्य संसाधनों की व्यवस्था तथा टेस्टिंग लैब की स्थापना के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’ बनाया गया है। फण्ड में उपलब्ध धनराशि से चिकित्सा उपकरण आदि की व्यवस्था प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों तथा शासन के नियमों का पालन करते हुए कोरोना से अप्रभावित जनपदों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए। परियोजनाओं के उपयोगार्थ विभिन्न प्रकार की निर्माण सामग्री के आवागमन की अनुमति दी जाए। इसके तहत भट्ठों से ईंट तथा बालू, मोरंग तथा सरिया को अनुमति दी जाए। निर्यातपरक इकाइयों से निर्यात हेतु कन्टेनर के माध्यम से इनके उत्पाद का आवागमन भी मंजूर किया जाए। विभिन्न राज्यों से प्रदेश में वापस आए श्रमिकों का सर्वे कराते हुए उन्हें रोजगार सुलभ कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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