सतसंगियों को अपने गुरु के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, सुनिए दादाजी महाराज से
राधास्वामी मत के वर्तमान आचार्य और अधिष्ठाता दादाजी महाराज ने कहा – हमारे मत में मानव की पूजा नहीं होती बल्कि निजधार की पूजा होती है जो देह स्वरूप में आकर अवतरित होती है जीव का कल्याण करने के लिए हजूरी भवन, पीपलमंडी, आगरा राधास्वामी मत (Hazuri Bhawan, Peepal mandi, Agra) का आदि केन्द्र है। […]
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