लॉकडाउन के दौरान बैंक की किश्त न देने पर ब्याज पर ब्याज वसूल रहे थे बैंक
सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाई; भारत सरकार, आरबीआई और बैंकों ने मुंह की खाई
Agra (Uttar Pradesh, India)। क्या आप गजेन्द्र शर्मा को जानते हैं? अगर नहीं जानते हैं तो ये बहुत गलत बात है। गजेन्द्र शर्मा आगरा के हैं। समाजसेवी हैं। समाज में खास पहचान रखते हैं। आप सोच रहे होंगे कि मैं चापलूसी कर रहा हूं। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप कहेंगे क्यों, तो भाइयो और बहनो उत्तर यह है कि गजेन्द्र शर्मा ने भारत के 24 करोड़ लोगों को राहत दिलाई है। भारत सरकार का सामना किया है। देशभर के बैंकों के वकीलों की फौज का सामाना किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अटक लड़ाई ली है। अब आप ही बताइए कि चापलूसी क्या नहीं करें?
यह तो आपको पता ही है कि कोरोनावायरस के कारण महामारी फैली। पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया। जनता का दिल जीतने के लिए आरबीआई ने बैंकों से कहा कि तीन महीने किश्त न लें। लोगों से कहा कि वे बैंकों को विकल्प दे सकते हैं कि किश्त देना चाहते हैं या नहीं। फिर तीन महीने और बढ़ा दिए। लॉकडाउन में व्यापार ठप हो गया। गजेन्द्र शर्मा समेत देश के उन सभी लोगों को भारी खुशी हुई कि चलो तीन महीने बैंक को किश्त नहीं देनी होगी।
गजेन्द्र शर्मा ने आईसीईसीआई बैंक से संपर्क किया। वहां से लिखित में जवाब आय़ा कि अगर तीन महीने किश्त नहीं देंगे तो आगे ब्याज पर ब्याज लिया जाएगा। उनका माथा ठनका। बैंक को आरबीआई का आदेश बताया। बैंक नहीं माना। उन्होंने कहा कि ब्याज लो लेकिन ब्याज पर ब्याज मत लो। बैंक फिर भी नहीं माना।
यह बात मीडिया में आ गई, लेकिन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। लोगों को पता चल गया कि सरकार ने बस घोषणा की थी, राहत कुछ नहीं है। बैंकों को कोई निर्देश नहीं है। गजेन्द्र शर्मा सुप्रीम कोर्ट गए। कई सुनवाई हुईं। पिछले दिनों हुई सुनवाई में कोर्ट के समक्ष भारत सरकार, आरबीआई और बैंकों के प्रतिनिधि पहुंचे। देशभर के बैंकों ने 43 नामी-गिरामी वकील खड़े कर दिए। गजेन्द्र शर्मा को लगा कि कोर्ट एक मिनट में ही याचिका खारिज कर देगा। फिर भी उन्हें भगवान पर विश्वास था। बैंकों से लोन लेने वाले लाखों लोग भी उनके लिए दुआएं कर रहे थे। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने गजेन्द्र शर्मा की बात मानी। सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया ब्याज पर ब्याज लेने का कोई तुक नहीं है। अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई फिर होगी। इसमें सरकार को पूरी योजना प्रस्तुत करनी है। कुल मिलाकर 24 करोड़ लोगों को खुशखबरी मिल गई है। बस सरकार का ठप्पा लगना बाकी है।
अब आप ही बताइए कि 24 करोड़ लोगों को राहत दिलान वाले गजेन्द्र शर्मा की चापलूसी क्यों न की जाए? आपका क्या विचार है? गजेन्द्र शर्मा का संजय प्लेस में प्राइम ऑप्टिकल के नाम प्रतिष्ठान हैं, जहां हर पार्टी के नेताओं का जमावड़ा रहता है। पत्रकारों का भी अड्डा है। गजेन्द्र शर्मा से इस नम्बर पर संपर्क कर सकते हैं- 9412253740
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