कोरोना से बचाव की दवा का निःशुल्क वितरण किया
नेशनल चैम्बर का होम्योपैथ डॉ. प्रदीप गुप्ता से संवाद
Agra, Uttar Pradesh, India. नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने आज नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर कुबरेपुर के चेयरमैन डॉ. प्रदीप गुप्ता के साथ संवाद किया। डॉ. गुप्ता ने बिना दवा के विभिन्न बीमारियों को दूर करने के सरल उपाय बताए। साथ ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाने के लिए होम्योपैथी दवा का निःशुल्क वितरण किया। पांच लाख लोगों को यह दवा वितरित की जानी है।
नेहरू नगर में मिल रही कोरोना से बचाव की दवा
जीवनी मंडी स्थित नेशनल चैम्बर के सभागार में हुए कार्यक्रम में नेशनल चैम्बर के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने डॉ. प्रदीप गुप्ता का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कोरोना की आपदा में सेवा की है। आशा जताई कि आगे भी इसी तरह से सेवा करते रहेंगे। चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने बताया कि कोरोना महामारी में डॉ. प्रदीप गुप्ता ने सेवा की है। उन्होंने सिद्ध किया है कि होम्योपैथी से बहुत सी बीमारियां जड़ से खत्म हो जाती हैं। डॉ. गुप्ता ने ट्रिपल एमडी की है। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज भी है। 44, नेहरू नगर, आगरा में सिटी सेन्टर खोला गया है, जहां से आधार कार्ड दिखाकर कोरोना से बचाव की दवा निःशुल्क प्राप्त की जा सकती है।
हमारी दवा का 143 देशों ने अनुसरण किया
डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार ने नेमिनाथ मेडिकल कॉलेज को होम्योपैथी से कोरोना के इलाज पर शोध की अनुमति दी। तीन दवाइयों ने 42 में से 33 को पहले दिन में ठीक किया। बाकी लोग तीन दिन में ठीक हो गए। पांच से सात दिन में कोरोना निगेटिव हो गए। इसके साथ ही नेमिनाथ हॉस्पिटल स्टाफ ने मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट पहनना बंद कर दिया। इसके बाद भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की और 143 देशों ने अनुसरण किया। आर्सेनिक, ब्रायोनिया, हीपरसल्फ और आर्निका दवा प्रभावी सिद्ध हुईं। पहली लहर में 910 मरीजों को ठीक किया।

तीमारदार साथ रहे और बुखार तक नहीं आया
डॉ. गुप्ता ने बताया कि दूसरी लहर इतनी तेजी से आई कि संभलने का मौका नहीं मिला। 1 अप्रैल को पहला केस आया। पांच तारीख तक 55 केस आए। पूरे देश और विश्व में पहला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज था, जिसने कोरोना मरीजों को भर्ती किया। हमारे पास 1000 बेड की क्षमता है। होम्योपैथिक में 100 और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में 150 बेड हैं। क्षेत्र बजाजा कमेटी के कारण लोगों को काफी जानकारी हुई और मरीज आने शुरू हो गए। जिनका ऑक्सीजन स्तर बहुत कम था, वे भी बिना वेंटिलेटर के ठीक हुए। सभी पेशेंट के साथ दो-दो सहायक साथ रहे और किसी को बुखार तक नहीं आया क्योंकि उनके पास बचाव की दवा थी।
तीसरी लहर से डरें नहीं, होम्योपैथी दवा लें
डॉ. प्रदीप गुप्ता न बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में जो लक्षण आने वाले हैं, उसके हिसाब से दवा तैयार की है। जून से वितरण शुरू कर दिया है। पहले चरण की बचाव की दवा लेने वाले पूरी तरह ठीक हुए। तीसरी लहर से डरें नहीं। आपके पास बचाव की दवा है। अपने स्टाफ और मिलने वालों को भी दवा उपलब्ध कराएं। एक व्यक्ति पांच आधार कार्ड पर दवा ले जा सकता है। नेशनल चैम्बर के लिए आप जो कहेंगे, वह करने को तैयार हूँ। कोविड में हमने तीन हजार रुपये में बेड दिया और शायद ही किसी से तीन हजार रुपये लिए हों। एलोपैथी के मुकाबले होम्योपैथी दवा बहुत सस्ती है। जो भी डिस्काउंट मांगता है, उसे दिया जाता है।
डायबिटीज कोई बीमारी नहीं
उन्होंने बताया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं है। यह लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर है। खानपान में थोड़ा सा परिवर्तन कर दें तो निश्चित रूप से ठीक हो जाएगी। हम दवा पहले दिन से बंद कर देते हैं। इंसुलिन चार दिन बाद बंद कर देते हैं। अगर आयोडीन वाला नमक छोड़ दें तो 90 फीसदी थायरॉयड ठीक हो जाता है। ब्लड प्रेशर में भी नमक छोड दें। इसका फार्मूला है एक बार नमक वाला भोजन और दूसरी बार बिना नमक वाला भोजन। एक दिन नमक का खाना और दूसरे दिन बिना नमक का खाना। वजन कम करने का तरीका है पहला भोजन 11-12 बजे तक और दूसरा शाम को 6-7 बजे के बीच। फिर कुछ भी न खाएं। गुनगुना पानी या ग्रीन टी पिएं। एक बिस्कुट भी खा लिया तो वजन कम नहीं होगा। दवाइयां सभी खाली पेट लेनी चाहिए। स्टीरॉयड या पेन किलर ही कुछ खाने के बाद लेना चाहिए, बाकी खाली पेट ही खाएं। जोड़ों के दर्द के लिए फार्मूला है कि एक दिन छोड़कर उपवास रखें। इससे डायबिटीज भी अपने आप कंट्रोल हो जाएगी। यह बताया गया है कि बीपी, थायरायड, डायबिटीज ठीक नहीं होती, लेकिन होम्योपैथी में जड़ से खत्म हो जाती है। टाइप टू डायबिटीज ठीक करने के लिए अन्न छोड़ दें, पकौड़े, मंगौड़े खाइए। गेहूं, दूध और दूध से बनी चीजें छोड़ दें, डायबिटीज ठीक हो जाएगी। डायबिटीज का मानक अमेरिकी रिसर्च के आधार पर हैं जो भारत में फिट नहीं है। दोनों के भोजन में फर्क है। हमारे देश के लिए 210 तक कोई डायबिटीज नहीं है।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस मौके पर उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल और सुनील सिंघल, कोषाध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, शांतिस्वरूप गोयल, सीताराम अग्रवाल, अमर मित्तल, योगेन्द्र सिंघल, महेन्द्र सिंघल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, श्रीकिशन गोयल, प्रदीप वार्ष्णेय, महेंद्र कुमार सिंघल, भुवेश कुमार अग्रवाल (सभी पूर्व अध्यक्ष), राकेश चौहान, वीरेन्द्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, राहुल चतुर्वेदी, संजीव गुप्ता, सचिन सारस्वत, मनोज अग्रवाल, राकेश सिंघल, विनय मित्तल, अंबा प्रसाद गर्ग, मनोज कुमार अग्रवाल, पवन पैंगोरिया, राकेश सिंघल, उदय अग्रवाल, राजकुमार भगत, संजय अग्रवाल, रविंद्र अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, दिनेश कुमार जैन, संजय गोयल, विवेक जैन, विजय बंसल आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
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