नई दिल्ली। PNC Infratech लिमिटेड कंपनी एक बार फिर विवादों में है। इसकी दो सहायक कंपनियों को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के जरिए टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। ऐसा नहीं है ये कंपनी पहली बार विवादों में आई है। जल जीवन मिशन में काम कर रही इस कंपनी के काम को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। दरअसल, ये कंपनी भाजपा सांसद के भाई के स्वामित्व वाली है, जिसके PNC Infratech के गुणवत्ता विहीन काम को भी नजर अंदाज कर दिया जाता है।
दरअसल, जल जीवन मिशन में PNC Infratech उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ों का काम कर रही है। इसके काम को लेकर कई बार सवाल उठे लेकिन अपनी रसूख के चलते इस कंपनी के गुणवत्ता विहीन काम को भी नजर अंदाज कर दिया गया। वहीं, अब इसकी दो सहायक कंपनियों को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के जरिए टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
इसके कारण PNC Infratech लिमिटेड के शेयरों में सोमवार को 20% तक की गिरावट देखने को मिली है। PNC Infratech की दो सहायक कंपनियों को 18 अक्टूबर को मंत्रालय के सामने व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था, जो कि इस साल जून और अगस्त में CBI के जरिए दर्ज FIR और चार्ज शीट के संबंध में है।
सुनवाई के बाद एक वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया गया। इसके साथ ही अयोग्यता दो अन्य सहायक कम्पनियों पीएनसी खजुराहो हाईवेज और पीएनसी बुंदेलखंड हाईवेज पर भी लागू होंगी। वहीं, 20 प्रतिशत का लोअर सर्किट लगने से कम्पनी को लगभग 1880 करोड़ का नुकसान का अनुमान है।
जून में सीबीआई ने की थी छापेमारी
घूसखोरी के मामले में सीबीआई ने पीएनसी के दो निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि पीएनसी के दो निदेशकों ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर षड्यंत्र किया। इसमें एनआरआई की ओर से इस निजी कंपनी को आवंटित झांसी-खजुराहो परियोजना में गड़बड़ी की बात सामने आई है।
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