डॉ. भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India. आगरा के लघुवाद न्यायालय में विचाराधीन योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट का श्रीकृष्ण विग्रह का केस संख्या- 659/2023, श्रीभगवान श्रीकृष्ण लला विराजमान आदि बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड आदि को पोषणीय माना गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष और अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जल्दी जामा मस्जिद की सीढ़ियों का उत्खनन किया जाएगा और प्रभु श्रीकृष्ण लला के विग्रहों को बाहर निकला जाएगा।
न्यायाधीश मृत्युंजय श्रीवास्तव ने 26 फरवरी के अपने आदेश में केस को पोषणीय माना और विपक्षी संख्या 2 जामा मस्जिद के आर्डर 7 नियम 11 सीपीसी और न्यायाधिकार क्षेत्र के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। वादी पक्ष की तरफ से अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने वाद की पोषणीयता पर बहस की थी। बहस के दौरान विपक्षी जामा मस्जिद ने कॉज ऑफ एक्शन, वक्फ और एस्टोपल के अधीन केस को खारिज होने योग्य बताया।
वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के स्वामी आत्मानंद बनाम श्री रामकृष्ण तपोवन, सलेम मुस्लिम बरिअल ग्राउंड बनाम तमिलनाडु राज्य व कृष्ण राय बनाम हिन्दू बनारस विश्वविद्यालय आदि के केसों की नजीरें और औरंगजेब की पुस्तक मासिर-ए-आलमगीरी के तथ्य पेश करते हुए विपक्षी जामा मस्जिद के प्रार्थना पत्र को खारिज होने योग्य बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनते हुए जामा मस्जिद के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
कामरेड भजनलाल और मोहम्मद इख्तियार ने केस में विपक्षी बनने हेतु आर्डर 1 नियम 10 सीपीसी के अधीन प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनते हुए दोनों के प्रार्थना-पत्रों को खारिज कर दिया। न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 15 मार्च तय की है।
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