ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने उनकी कंज़र्वेटिव पार्टी के भीतर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव जीत लिया. जॉनसन की कंज़र्वेटिव पार्टी के ही कई सांसदों ने पत्र लिखकर कहा था कि वो पार्टी में जॉनसन का नेतृत्व नहीं चाहते.
पीएम जॉनसन ने 59 फ़ीसदी वोट जीते, जिसका मतलब है कि अब अगले एक साल के लिए पार्टी में उन्हें कोई चुनौती नहीं दे सकता है.
कंज़र्वेटिव पार्टी के 211 सांसदों ने पीएम बोरिस जॉनसन के पक्ष में वोट डाला और वहीं, 148 ने उनके ख़िलाफ़ मतदान किया.
अविश्वास प्रस्ताव के परिणामों से स्पष्ट है कि जॉनसन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने रहेंगे, लेकिन आलोचकों का कहना है कि जॉनसन के ख़िलाफ़ बढ़ी बग़ावत दिखाती है कि उनकी पकड़ कमज़ोर पड़ गई है.
जॉनसन के पक्ष में पड़े वोटों का शेयर पूर्व पीएम टरीज़ा मे के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पड़े वोटों से भी कम हैं. टरीज़ा मे को साल 2018 में 63 प्रतिशत वोट मिले थे.
कोरोना महामारी के दौरान नियमों का उल्लघंन करने और डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी करने को लेकर बोरिस जॉनसन की आलोचना हो रही है.
बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन के दौरान पार्टी में जाकर नियम तोड़ने पर माफ़ी भी मांगी थी. लेकिन, ये मामला ठंडा नहीं हुआ और कई सांसद बोरिस जॉनसन पर पद छोड़ने को लेकर दबाव बनाने लगे.
-एजेंसियां
- UGC गाइडलाइंस पर ‘अपनों’ का ही प्रहार: कलराज मिश्र ने बताया असंवैधानिक, भाजपा के भीतर बढ़ी बगावत - January 28, 2026
- UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: सुनवाई को तैयार पीठ, सीजेआई सूर्यकांत बोले- ‘हमें पता है क्या हो रहा है’ - January 28, 2026
- Agra News: फतेहपुर सीकरी CHC में हंगामा, सांस की मरीज महिला की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही और ऑक्सीजन न मिलने का आरोप - January 28, 2026