आगरा। आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और पुलिस की संयुक्त टीम ने दयालबाग क्षेत्र में छापेमारी कर सरकारी अस्पतालों के लिए आवंटित दवाओं की भारी खेप बरामद की है। छापेमारी के दौरान एक घर में भारी मात्रा में दवाएं और इंजेक्शन मिले, जिन पर स्पष्ट रूप से ‘Government Supply, Not For Sale’ अंकित था। इन दवाओं की पहचान मिटाकर उन्हें बाजार में खपाने का बड़ा गोरखधंधा चल रहा था।
शिकायतों के बाद कसी गई शिकंजा
पिछले काफी समय से फाउंटेन स्थित ‘ब्राइट फार्मा’ के माध्यम से सरकारी दवाओं की कालाबाजारी की सूचनाएं विभाग को मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल और जालौन की औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की टीम ने पुलिस बल के साथ राहुल विहार, दयालबाग स्थित आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के आवास पर अचानक छापा मारा।
दवाओं की पहचान मिटाने का घिनौना खेल
टीम को घर के एक कमरे से भारी स्टॉक मिला, जिसमें एंटी-डी इंजेक्शन, इंसुलिन और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाएं शामिल थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन दवाओं पर मौजूद सरकारी मुहरों को मार्कर से छिपा दिया गया था ताकि इन्हें अवैध रूप से खुले बाजार में बेचा जा सके। छापेमारी के दौरान आरोपी कोई भी वैध खरीद बिल या स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सका।
इतना ही नहीं, जीवनरक्षक दवाओं और इंसुलिन को बिना ‘कोल्ड चेन’ के सामान्य तापमान पर रखा गया था, जो न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मरीजों की जान के साथ भी खिलवाड़ है।
पत्नी के बयान से खुला राज, नेटवर्क की तलाश तेज
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर की लाइसेंसधारी रितिका पंजवानी (आरोपी की पत्नी) ने अपने लिखित बयान में स्पष्ट किया कि स्टोर का पूरा संचालन उनके पति मनीष पंजवानी ही करते हैं। इसके बाद टीम ने ब्राइट फार्मा दुकान का भी गहन निरीक्षण किया और वहां से पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।
न्यू आगरा पुलिस ने औषधि निरीक्षक की तहरीर पर आरोपी मनीष पंजवानी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस और एफएसडीए की टीम इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि सरकारी आपूर्ति श्रृंखला से ये दवाएं बाहर कैसे आईं और इस अवैध नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
दवा कारोबारियों में दहशत
इस बड़ी कार्रवाई ने शहर के दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी संसाधनों की चोरी और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और सख्त की जाएगी।
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