आगरा। ताजनगरी के सबसे बड़े दवा बाजार ‘फव्वारा’ क्षेत्र में सैंपल दवाओं के अवैध कारोबार ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। पिछले दिनों छापेमारी के दौरान बरामद हुई लाखों रुपये की सैंपल दवाओं के मामले में अब औषधि विभाग (Drug Department) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राथमिक जांच में इन दवाओं के नकली होने का गहरा संदेह जताया जा रहा है, जिसके बाद विभाग ने ₹3.20 लाख की दवाओं के नमूने सील कर लैब भेज दिए हैं।
जांच के घेरे में नामी एजेंसियां
औषधि विभाग ने इस पूरे सिंडिकेट की तह तक जाने के लिए शहर की कई बड़ी मेडिकल एजेंसियों को रडार पर लिया है। जांच की आंच न्यू भगवती मेडिकल एजेंसी, राजधानी ड्रग हाउस और ओम ड्रग हाउस तक पहुंच गई है। इसके अलावा भगवती ड्रग सेंटर, तनु मेडिकल एजेंसी और विश्वनाथ फार्मा से भी दवाओं के स्टॉक और उनके स्रोत के बारे में जानकारी मांगी गई है।
नामी कंपनियों को नोटिस, मांगा गया रिकॉर्ड
विभाग ने केवल रिटेलर्स ही नहीं, बल्कि नामी फार्मा कंपनियों को भी नोटिस जारी किया है। बोकार्ड लिमिटेड, अरिस्टो फार्मा, जीएस फार्मास्युटिकल्स, खंडेलवाल लेबोरेटरीज और मैक्लिओड्स फार्मास्युटिकल्स से उनके मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) द्वारा डॉक्टरों को बांटी गई दवाओं का पूरा ब्योरा मांगा गया है। विभाग यह जानना चाहता है कि जो दवाएं मुफ्त में मरीजों के लिए डॉक्टरों को दी जाती हैं, वे इतनी बड़ी तादाद में बाजार में कैसे पहुंचीं?
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
औषधि विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सैंपल की दवाओं को बाजार में बेचना न केवल अनैतिक है बल्कि गैरकानूनी भी है। यदि लैब की रिपोर्ट में दवाएं नकली या मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल, पूरी दवा मंडी में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
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