अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास देवी माहेश्वरी ‘श्रीजी’ ने दूसरे दिन शुकदेव और राजा परीक्षित की झांकी प्रस्तुत की
Agra, Uttar Pradesh, India.अंतरराष्ट्रीय कथाव्यास देवी माहेश्वरी ‘श्रीजी’ ने श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन शुकदेव और राजा परीक्षित की झांकी प्रस्तुत की। साथ ही राजा दशरथ-श्रवण कुमार की कथा सुनाई। उन्होंने भागवत कथा का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को बीमारी भगाने और धन कमाने के मंत्र भी दिए। भागवत कथा में श्रीराम की गूंज भी हुई। कथा शिव पैलेस पश्चिमपुरी में चल रही है।
भागवत मनोरंजन का साधन नहीं
रामकथा में भगवान राम ने स्वयं के भगवान होने का प्रमाण नहीं दिया है लेकिन श्रीमद भागवत कथा में श्रीकृष्ण ने बार-बार प्रमाण दिया है। अक्रूर, कंस, ऊधौ, अर्जुन को दिया है प्रमाण। रामकथा जीवन का आइना है तो भागवत कथा इहलोक और परलोक दोनों को संवारती है। आपकी गति क्या होगी, यह भागवत कथा से तय होता है। भागवत कोई मनोरंजन का साधन नहीं है। यह भाग्यशाली लोगों को प्राप्त होती है। यह ज्ञान यज्ञ है। आपके हृदय में ठाकुर जी के प्रति जो प्रेम है, उसने शिव पैलेस में अच्छी ऊर्जा का निर्माण किया है। इस तरह अतिशय भाग्यशाली ही यहां आ सकते हैं। मनकामेश्वर महादेव की कृपा से कथा सुनने को मिल रही है। भगवान शिव को कथा की भूख लगती है।

बृज की महिमा
उन्होंने बृज की महिमा बताते हुए कहा- बृज के लोग जबर होते हैं। वास्तव में मेरे ठाकुर जी का दिल है बृज। ब्रह्म की रज है बृज। ठाकुर जी न बैकुंठ में, न योगियों के हृदय में बल्कि शिव पैलेस में हैं। ठाकुर जी कहते हैं- जहां भक्त मेरा भजन करते हैं, कथा श्रवण करते हैं, वहां मैं हूँ। जहां कथा होती है, वहां ठाकुर जी, राधा जी और हनुमान जी होते हैं। प्रभु से मिलना है तो उनकी कथा में आओ। भागवत कथा की बूटी पीने से शिव अमर हैं।
ये उपाय करें
उन्होंने कहा- जब हम देना शुरू करते हैं तो हजार गुना वापस आता है। देने से स्वाभिमान बढ़ता है। नीम और पीपल को सीचें, सूर्य को जल दें, भूखे को भोजन कराएं तो जिन्दगी बदल जाती है। पीपल की जड़ में चीटियों को खिलाइए, दि-ब-दिन प्रगति होने लगेगी। भगवान परोपकार से प्रसन्न होते है। अमावस्या के दिन दवाइयां भेंट करो, कल्याण होगा। मंदिर में जाते हैं तो जूतों की ओर ध्यान क्यों? मंदिर में परमात्मा को दंडवत प्रमाण करो। गाड़ी मंदिर से दूर खड़ी करो। व्यवहार ठीक रखो। मंदिर की दहलीज पर बैठो। परिक्रमा करो। मोर का पंख घर में घुमाओ। ह्रिम (एचआरआईएम) मंत्र के साथ सामग्री से 11 आहुतियां देंगे तो हर बीमारी भाग जाएगी और धन मिलेगा। यह शास्त्रोक्त बात है। दूर्वा की 12 जड़ लें। सफेद या पीले धागे में माला बना लें। प्रत्येक जड़ पर 12 बार ‘ओम गं गणपतये नमः’ का जाप करें। भगवान गणेश की कृपा से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।

इन्हें मिला आशीर्वाद
आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल, यादव महासभा के अध्यक्ष डॉ. रामकैलाश यादव, संस्कार भारती के बांकेलाल गौड़, आरएसएस के सुभाष वोहरा, सुरेन्द्र सिंह ठेकेदार, दिनेश चंद गर्ग, उर्मिला गर्ग, राजेश पांडे मुंबई, शिव पैलेस के स्वामी पीके त्यागी, लव तिवारी, मोहित वर्मा, बृजेश अग्रवाल, मुख्य यजमान एसपी सिंह-सीमा सिंह, जगदीश गोयल, गायत्री देवी गोयल, रामवीर सिंह चौहान, केशव धाम वृंदावन के मंत्री सतीशचंद अग्रवाल, अजय गोयल, अनुभा उपाध्याय, रेखा अग्रवाल, आरडी त्यागी, रामदत्त शर्मा, रमेश अग्रवाल, एपीएस तोमर, खेमचंद गोयल, कालीचरन गोयल, केजी वर्मा, सतीशचंद शर्मा आदि ने श्रीमद भागवत की आरती की। साथ ही श्री जी का आशीर्वाद मिला। संचालन डॉ. मुनेन्द्र श्रोत्रिय और प्रतिभा जिन्दल ने किया।
सर्व व्यवस्था प्रमुख मुकेश चंद गोयल, मुकेश नेचुरल, दीपक तोमर एड., लालता प्रसाद, विमलेश सारस्वत, कुलकुलेन्द्र, नरेश शर्मा, राजीव शर्मा, राजीव त्रिपाठी, अजय वर्मा एडवोकेट, वी पी सिंह, विजेंद्र सिंह, कमलेश जाटव पार्षद, आरके शुक्ला, राजकिशोर ने व्यवस्था संभाली।
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