Vrindavan (Mathura), Uttar Pradesh, India. विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर को दोबारा बंद किये जाने का मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले रहा है। अभी तक स्थानीय कारोबारी और साधु संत इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे। कुछ स्थानीय लोगों ने न्यायालय में चायिका भी लगाई हैं। वहीं तीस अक्टूबर तक मंदिर के पट नहीं खोले जाने की स्थिति में धर्म रक्षक संघ ने जबरन मंदिर के पट खोलने का ऐलान किया है। अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के मुद्दे को महाराष्ट्र में सिद्धविनायक मंदिर को खुलवाने के लिए आंदोलन कर रही भाजपा की धार कुंद करने का फैसला किया है। जिस तरह के संकेत स्थानीय नेताओं की ओर से दिये जा रहे हैं, कांग्रेस इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने का मन बना चुकी है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री हो गई है। उनके निर्देश पर कांग्रेस के पूर्व नेता विधानमंडल दल प्रदीप माथुर ने वृंदावन में बाकायदा एक प्रेसवार्ता की।
महाराष्ट्र में मंदिर खुलवाने को आंदोलन कर रही भाजपा चुप क्यों
श्री माथुर ने प्रदेश सरकार से सवाल पूछा है कि जो भाजपा महाराष्ट्र में सिद्ध विनायक मंदिर को खुलवाने के लिए आंदोलन कर रही है वह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मुद्दे पर चुप क्यों है? सच में भाजपा इतनी ही गंभीर है तो क्यों ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को खोले जाने को लेकर सरकार पर दबाव नहीं बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। सड़क पर उतर कर जो लोग आंदोलन कर रहे हैं उनके साथ भाजपाई नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के पक्ष में है। हम चाहते हैं कि मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुले जिससे आम लोगां को भी संकट के इस दौर में राहत मिल सके। कांग्रेस ने मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी अप्रासंगिक बताया है। पार्टी नेता ने कहा कि इस प्रक्रिया का पालन असंभव है।

प्रियंका वाड्रा ने निर्देश दिए हैं
पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि इस प्रेसवार्ता से पहले उन्हें आलाकमान से निर्देश मिले हैं। इन्हें निर्देशों के तहत वह यह बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने साफ निर्देश दिये हैं कि इस तरह का दबाव बनाया जाये कि मंदिर शीघ्र खोला जा सके।
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