आगरा: थाना शमशाबाद पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो पलक झपकते ही व्यापारी एवं छोटे दुकानदारों के खाते से हजारों रुपये उड़ा देता था। वह बैंक और यूपीआई कंपनियों का कर्मचारी बनकर केवाईसी के नाम पर यह ठगी करता था।
पुलिस ने ठेला लगाने वाले युवक के साथ हुई साइबर ठगी की शिकायत पर आरोपी को दबोचा। आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल, सिम कार्ड और नगदी बरामद हुई। इसके साथ ही उसके विभिन्न बैंकों में 12 फर्जी खाते भी मिले हैं।
थाना प्रभारी वीरेश पाल गिरी ने बताया कि कस्बा शमशाबाद के धमेना रोड के रहने वाले ठेला लगाने वाले संतोष सिंह ने थाने में अपने खाते से रुपये निकलने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की। रविवार को मुखबिर की सूचना पर संतोष सिंह से साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी योगेंद्र पुत्र गुलाब सिंह निवासी कबीस ने पूछताछ में बताया कि वह छोटे दुकानदारों और ठेला लगाने वालों से पेटीएम कर्मचारी बनकर मिलता था। इसके बाद आधार केवाईसी के नाम पर उनके यूपीआई को क्रश कर लिया करता था। जिससे व्यापारी के खाते में जो भी रकम आए, वह उसे आसानी से निकाल लेता।
उसने ठेल विक्रेता संतोष सिंह के खाते से उसने 82,500 की ठगी करने की बात भी कबूल की। आरोपी साइबर ठग के कब्जे से दो फर्जी आधार कार्ड, 1000 नगदी, फर्जी वोटर कार्ड, तीन सिम कार्ड, मोबाइल मिले हैं। आरोपी के नाम पर 12 फर्जी अकाउंट विभिन्न बैंकों में खुले जाने की जानकारी मिली है।
मामले में पुलिस ने एचडीएफसी शमशाबाद के बैंक मैनेजर समेत कई कर्मचारियों से भी पूछताछ की। इंस्पेक्टर वीरेश पाल गिरी का कहना है कि आरोपी से जुड़े अन्य साइबर ठगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी योगेंद्र को जेल भेज दिया गया।
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