आगरा। योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट के केस संख्या-659/2024, श्री भगवान श्रीकृष्ण लला विराजमान आदि बनाम उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड आदि की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि विपक्षी संख्या- 3 भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पूजास्थल अधिनियम 1991 की याचिका में पारित अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए वाद के विचारण की सुनवाई स्थगित करने का प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 20 फरवरी सुनवाई की अगली तिथि नियत की है।
वादी अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पूजास्थल अधिनियम 1991 की अगली सुनवाई 17 फरवरी को है। उससे पहले वह उच्चतम न्यायालय में इंटरवेंशन एप्लीकेशन फाइल करेंगे। वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि आगरा की जामा मस्जिद वर्ष 1920 से आज तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन संरक्षित स्मारक है. जिस कारण उनके केस में पूजास्थल अधिनियम 1991 लागू नहीं होता है।
Discover more from Up18 News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
- जालोर के ऐलाना गाँव में सरपंच उम्मीदवार भावना कुमारी माली ने बताईं विकास प्राथमिकताएँ - October 14, 2026
- Agra News: दीपावली से पहले वेतन, बोनस और एरियर भुगतान की मांग, नगर निगम को सौंपा ज्ञापन - October 14, 2026
- …दूसरे की बरात में कब तक सहबाला बनेंगे? दिल्ली के विरोध प्रदर्शन से अखिलेश की वायरल तस्वीर पर ओपी राजभर का तंज - October 14, 2026