आगरा, 09 अप्रैल। सामाजिक कार्यकर्ता और रिवर कनेक्ट अभियान के संयोजक बृज खंडेलवाल ने जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को लिखे पत्र में तपती गर्मी के वर्तमान दौर में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हेतु स्कूल समय में बदलाव या शीघ्र ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि तपती दोपहरें अब सहनशक्ति की सीमा लांघ चुकी हैं और सबसे अधिक पीड़ा उन नन्हे बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें हर रोज़ जलते सूरज के साये में स्कूल जाना पड़ता है। उनकी मासूम आँखों में नींद नहीं, थकावट है, चेहरों पर मुस्कान नहीं, तपिश की झलक है। पत्र में कहा गया कि जब वयस्क इस भीषण गर्मी में खुद को संभाल नहीं पा रहे, तब हमारे बच्चे, जो अभी जीवन के पहले पन्नों को पढ़ ही रहे हैं, वे इस तपिश को कैसे झेल पा रहे होंगे? स्कूल जाने के रास्ते अब शिक्षा के नहीं, बल्कि चिंता और खतरे के रास्ते बन चुके हैं। गर्मी से जुड़ी बीमारियाँ, जैसे डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और अत्यधिक थकावट, इन बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। शिक्षण तो दूर, वे कक्षाओं में खुद को संभालना भी मुश्किल पा रहे हैं। माता-पिता, शिक्षक और हर जागरूक नागरिक अब इस चिंता को साझा कर रहे हैं।
पत्र में अनुरोध किया गया कि विद्यालय सुबह जल्दी शुरू हों और दोपहर के पहले समाप्त कर दिए जाएँ, ताकि बच्चों को तीव्र गर्मी में आने-जाने की मजबूरी न हो। यदि यह संभव हो, तो स्कूलों में गर्मी की छुट्टियाँ शीघ्र आरंभ कर दी जाएँ, जिससे बच्चे इस कठिन मौसम में घर पर सुरक्षित रह सकें।
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