
आगरा: न्यायिक कार्यों और अदालत में जवाब दाखिल करने में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आगरा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जमानत याचिका के मामले में समय पर रिपोर्ट पेश न करने के आरोप में रामबाग चौकी प्रभारी अरुण बिलगैया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद एक्शन
जानकारी के अनुसार, एक गंभीर मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष और रिपोर्ट दाखिल करनी थी। रामबाग चौकी प्रभारी अरुण बिलगैया द्वारा इसमें देरी की गई, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत के कड़े रुख को देखते हुए डीसीपी सिटी ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना और निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की।
एसआई आदित्य वाजपेयी को मिली कमान
निलंबन आदेश जारी होने के साथ ही रामबाग चौकी की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए नई तैनाती भी कर दी गई है। सब-इंस्पेक्टर (SI) आदित्य वाजपेयी को रामबाग चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। नए प्रभारी के सामने अब लंबित विवेचनाओं और न्यायालयी मामलों को समय पर निस्तारित करने की बड़ी चुनौती होगी।
महकमे में हड़कंप, कड़ा संदेश
इस कार्रवाई ने पूरे आगरा पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कोर्ट से जुड़े मामलों, केस डायरी और विवेचना रिपोर्ट में किसी भी तरह की देरी या कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसीपी सिटी के इस सख्त कदम को पुलिस प्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
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