आलीशान बंगले, तीन डिग्री कॉलेज, पेट्रोल पंप, कई जमीन और फ्लैट का मालिक है लेखपाल भीमसेन
आगरा: सदर तहसील के लेखपाल चौधरी भीमसेन की कार से दस लाख रुपये बरामद होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोप है कि खतौनी में नाम बढ़वाने के लिए लेखपाल ने रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये लेकर गाड़ी में रखे। अधिकारियों को सूचना मिलते ही वह गाड़ी छोड़कर भाग गया। कैमरे की निगरानी में जब कार खोली गई तो पैसे बरामद हुए। लेखपाल को निलम्बित कर दिया गया। हालांकि अब शिकायतकर्ता अपनी बात से पलट गया है।
इस बीच पता चला है कि लेखपाल भीमसेन पिछले बीस साल से सदर तहसील में तैनात है। जबकि एक तहसील में तीन साल और एक जिले में दस साल सेवा का प्रावधान हैं। वह पन्द्रह साल तक आगरा लेखपाल संघ का अध्यक्ष रहा है। बताया जा रहा है कि उसके पास आलीशान बंगला, तीन डिग्री कॉलेज, पेट्रोल पंप, शहर में कई जमीन और फ्लैट हैं। सभी की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक से उसके संबंध हैं।
लेखपाल के करीबी लोगों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति को लेकर चार महीने पहले लेखपाल की शिकायत अधिकारियों से की गई थी। हालांकि इस पर जांच नहीं हुई थी। सूत्रों की मानें तो लेखपाल का बागला एंक्लेव में तीन फ्लैट हैं। एक फ्लैट शास्त्रीपुरम स्थित बाबूजी चौराहा पर है। दूसरा फ्लैट नौमील चौराहे पर है। तीसरा फ्लैट कागारौल मांगरौल जाट पर है। इसके साथ ही लेखपाल का एक पेट्रोल पंप है। मलपुरा में तीन डिग्री कालेज हैं। नर्सिंग स्कूल खोलने की तैयारी है।
गौरतलब है कि बमरौली कटारा निवासी उमेश राणा ने आरोप लगाया था कि लेखपाल चौधरी ने उसके एक परिचित से खतैनी में नाम बढ़वाने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत ली। हालांकि अब उमेश राणा और उसके साथियों के सुर बदल गए हैं। गुरुवार की दोपहर के बाद सोशल मीडिया पर उमेश के वीडियो वायरल हुए। इसमें उसके तेवर एकदम बदले हुए दिख रहे हैं। इसमें वह डरा-सहमा कह रहा था कि उसने किसी के बहकावे में आकर गलत बयानबाजी कर दी। वह अपनी बात का खंडन करता है।
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