आगरा: 48 दिवसीय ‘भक्तामर दीप अर्चना’ का भक्तिमय समापन, पद्मप्रभु जिनालय में गूंजे मंत्र और भजनों की स्वरलहरी

RELIGION/ CULTURE

​आगरा। अवधपुरी कॉलोनी स्थित श्री पद्मप्रभु जिनालय में पिछले 48 दिनों से चल रही आध्यात्मिक धर्म साधना का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। 1 मई से 17 जून तक आयोजित इस अनूठे ‘श्री भक्तामर स्तोत्र दीप अर्चना’ कार्यक्रम में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा के साथ भाग लिया। समापन के अवसर पर आयोजित ‘श्री भक्तामर महामंडल विधान’ ने पूरे जिनालय परिसर को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया।

विधि-विधान से संपन्न हुआ महामंडल विधान

समापन समारोह का शुभारंभ सुबह भगवान पद्मप्रभु के अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुआ। विधानाचार्य विवेक जैन शास्त्री के सानिध्य और उनके द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच महामंडल विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं पूरी की गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तामर स्तोत्र के 48 काव्यों का सामूहिक और लयबद्ध वाचन किया। प्रत्येक काव्य के साथ एक दीपक प्रज्वलित करने की इस अनूठी साधना प्रक्रिया ने भक्तों के मन में आत्मिक शांति और सकारात्मकता का संचार किया।

​आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण

​पद्मप्रभु जिनालय परिवार द्वारा आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में धर्मानुरागी बंधुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। विधान के समापन पर जिनालय परिवार ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी दानदाताओं, सहयोगियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की गई।

​ये रहे मौजूद

​इस पावन अवसर पर इंद्र प्रकाश जैन, प्रवीन जैन, रवि जैन, अमित जैन, मनीष जैन, नरेन्द्र कुमार जैन, ओमप्रकाश जैन, जितेन्द्र जैन, अनिल जैन, जयकुमार जैन, शुभम जैन सहित महिला मंडल की सदस्य करुणा जैन, हेमलता जैन, रंजना जैन, कविता जैन, रीता जैन, पुष्पा जैन, शालू जैन, रागिनी जैन, सुनीता जैन, सीमा जैन और अंजू जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh