Agra, Uttar Pradesh, India. राधास्वामी मत के आदि केन्द्र हजूरी भवन पीपल मंडी, आगरा में गुरुपूर्णिमा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। अपने गुरु दादाजी महाराज (प्रो. अगम प्रसाद माथुर, पूर्व कुलपित आगरा विश्वविद्यालय) के चरणों में मत्था टेकने के लिए सत्संगी दूर-दूर से आए। भीषण उमस भी उनकी राह रोक न सकी। प्रातः और दोपहर में दो-दो घंटा सत्संग चला। इसका लाइव प्रसारण भी किया गया।

बता दें कि राधास्वामी मत (Radhasoami Faith) के प्रवर्तक परम पुरुष पूरन धनी स्वामीजी महाराज (Soamiji Maharai) और परम पुरुष पूरन धनी हजूर महाराज (Hazur maharaj) ने इस नश्वर संसार में इस बात के लिए अवतार धारण किया कि जीवों का उद्धार हो सके। उन्होंने जीवों पर अनोखी दया लुटाई, बचन बानी के माध्यम से जीवों को अपने चरनों में खींचा, चेताया और उनका कारज बनाया। उन्होंने गुरुभक्ति और सतगुरु सेवा पर भी विशेष बल दिया और स्पष्ट रूप से कह दिया कि जब तक संपूर्ण जगत का उद्धार नहीं होता, धार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी, वक्त के गुरु जीवों को चेताते रहेंगे। तब से लेकर आज तक यह सिलसिला जारी है।

हजूर महाराज के घर हजूरी भवन, पीपल मंडी, आगरा (Hazuri Bhawan, Peepal mandi, Agra) में वर्तमान सतगुरु दादाजी महाराज (Radhasoami guru Dadaji maharaj) जीवों पर अपनी दया फरमा रहे हैं, उनका भाग जगा रहे हैं। दादा जी महाराज (Prof Agam Prasad Mathur foemer Vice chancellor Agra university) अपने सतसंग (Radhasoami satsang) में नित्य नवीन बचन फरमाते हैं जिससे यह जीव चेते और चरनों में लगे।






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