
मुजफ्फरनगर/लखनऊ: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब सार्वजनिक हो गई है। मुजफ्फरनगर में एक बयान के दौरान नरेश टिकैत ने जयंत चौधरी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष किया, जिस पर जयंत ने भी सोशल मीडिया के जरिए करारा जवाब दिया है।
क्या है ‘हलवाई के ततैया’ वाला बयान?
भारत-अमेरिका समझौते के मुद्दे पर जयंत चौधरी के रुख से नाराज नरेश टिकैत ने उन पर निशाना साधते हुए कहा, “वह (जयंत) अब सरकार में हैं, इसलिए उन्हें सरकार की ही बात करनी पड़ती है।” टिकैत ने एक देहाती मिसाल देते हुए कहा कि जयंत की स्थिति ‘हलवाई के ततैया’ जैसी है, जो अपने ही हलवाई को नहीं काटता। उनके इस बयान का सीधा इशारा था कि जयंत चौधरी सरकार का हिस्सा होने के कारण किसानों के मुद्दों पर चुप हैं।
जयंत चौधरी का ‘नपी-तुली’ भाषा में पलटवार:
नरेश टिकैत के इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद जयंत चौधरी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने बेहद संक्षिप्त और चुटीले अंदाज में लिखा— “जो हलवाई और ततैया का किस्सा सुना रहे हैं उन्हें बता दूँ, मुझे मीठे का कोई शौक नहीं!” उनके इस जवाब को राजनीतिक पंडित नरेश टिकैत के कटाक्ष पर एक ‘पावरफुल’ काउंटर मान रहे हैं।
कार्यकर्ताओं में बढ़ी असहजता:
भाकियू और रालोद (RLD) के बीच लंबे समय से चले आ रहे तालमेल में अब दरार साफ नजर आ रही है। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता असहज महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन और जाट राजनीति के केंद्र में ये दोनों ही परिवार (टिकैत और चौधरी) हमेशा से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं, लेकिन वर्तमान समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
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