Agra, Uttar Pradesh, India. निजी स्कूलों की अधिक फीस का रोना हर कोई रो रहा है। फीस कम करने या न बिलकुल न लेने के लिए ‘पापा’ नामक संस्था आंदोलनरत है। ऐसे में वॉट्सऐप पर एक संदेश प्रसारित हो रहा है। इसमें बताया गया है कि निजी स्कूलों की फीस अधिक है तो सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाएं। यहां 16 प्रकार की सुविधाएं निःशुल्क हैं। यहां हम पूरा संदेश जस का तस प्रकाशित कर रहे हैं।
प्राइवेट स्कूल में प्रवेश दिलाने से पहले नीचे लिखी बातों पर विचार करें-
(1) स्कूल फीस लगभग 12000 ₹ प्रति वर्ष
(कक्षा 1 में 1000 प्रतिमाह)
(कक्षा 12 में 3000 प्रतिमाह)
(2) बस किराया 12000
(3) परीक्षा फीस 1000
(4) टाई बेल्ट व अन्य 1000
(5) किताबें 2000
(6) कॉपी बुक पेन 3000
(7) टिफिन 20 रू/दिन 6000
(8) अन्य 4000
कुल ख़र्च 41000
एक बच्चे का एक वर्ष का ख़र्च 41000 रु. तो KG 1 से 12 तक का कुल 14 वर्ष 574000 (5 लाख 74 हज़ार रुपए) होता है,
यदि एक परिवार में 2 बच्चे हैं तो 11 लाख 48 हज़ार होता है फिर भी नौकरी की कोई गारंटी नहीं,
इसलिए अपनो बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलावें।
सरकारी विद्यालयों की विशेषताएं
(1) किसी प्रकार का शुल्क नहीं
(2) 2 जोड़ी ड्रेस फ्री
(3) किताबें फ्री
(4) दोपहर का भोजन, दूध और फल फ्री
(5) जूता-मोजा फ्री
(6) स्वेटर फ्री
(7) बैग फ्री
(8) कुछ स्कूल में कॉपी फ्री
(9) अब अच्छे क्लास रूम और सुविधाएं, फीस के लिए, कोई भी मैसेज, व्हाट्सएप्प कभी नहीं आयेगा
(10) किसी भी प्राइवेट स्कूल से अधिक योग्य, अधिक पढ़े लिखे, M.Ed, B.Ed., TET क्वालीफाइड़ शिक्षक,
(11) प्रत्येक स्कूल में खेलकूद सामग्री
(12) नई शिक्षा नीति के अनुसार बालकेन्द्रित शिक्षा, पाठ्यक्रम NCERT द्वारा निर्धारित
(13) प्रत्येक विद्यालय में अच्छा पुस्तकालय
(14) प्रतिमाह अभिभावकों संग एसएमसी बैठक
(15) अभिभावक भोजनमाता द्वारा स्कूल आकर भोजन चेक करने की व्यवस्था
(16) बच्चों के शिक्षा के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की गयी जिससे गुणवत्ता में सुधार निश्चित है, आदि आदि…
बीएड, टीईटी और सुपर टीईटी पास शिक्षक आ रहे हैं आज के समय,
पहले भी बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी में जिले के हाई मैरिट लोगों का ही चयन होता था,
सरकारी स्कूल के शिक्षकों में योग्यता और ज्ञान की कोई कमी नहीं,
आप विश्वास करके अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजिये,
प्राइवेट स्कूल की लूट और अनावश्यक खर्च से बचें,
इन बचें रुपयों की एफ.डी. कर दें या बैंक में जमा करते रहें,
एक बच्चे का 5 लाख 74 हज़ार रुपए,
14 साल बाद 20 लाख रुपये से ज्यादा हो जायेंगे,
इन रुपयों से कोई अच्छा काम करें,
मेरे विचारों से सहमत हो तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक अभिभावकगण तक भेजें
याद करिये आप और आपके माता जी-पिता जी इन्हीं सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले और आज सफल हैं…,
अपने और अपने मिलने वाले के बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाइये…
- Chat-Moderation-Standards in Cleopatra Slot(s) in Deutschland - October 9, 2026
- 888 Casino – Binnen Minuten Beginnen met Inschrijvingsgids in Nederland - October 8, 2026
- Enjoy Top Games and Earn Rewards Every Week on Slotmafia Casino in Australia - October 8, 2026