लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों (UP State Employees) के लिए चल और अचल संपत्ति का ब्योरा देने की समय सीमा को बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी इस डेडलाइन तक अपनी संपत्ति की जानकारी दे देंगे, केवल उन्हीं का वेतन (Salary) जारी किया जाएगा। हालांकि, देरी से जानकारी देने वाले कर्मचारियों को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वेतन मिलेगा, लेकिन पदोन्नति पर रहेगी रोक
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से जारी ताजा शासनादेश के मुताबिक, भले ही कर्मचारी 10 मार्च तक विवरण देकर अपनी सैलरी बचा लें, लेकिन उन्हें पदोन्नति (Promotion) और एसीपी (ACP) का लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार ने यह कड़ा रुख पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अपनाया है।
मानव संपदा पोर्टल पर देनी होगी जानकारी
सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद पोर्टल लॉक हो सकता है, जिससे कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शासन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
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