Agra, uttar Pradesh, India. वर्धमान महावीर स्वामी जैन मंदिर, दादाबाड़ी, शाहगंज में स्वधर्मी बंधुओं के लिए होम क्वारेंटाइन सेन्टर शुरू हो गया है। आगरा विकास मंच ने यह नेक काम किया है। पहले दिन ही दो स्वधर्मी बंधुओं का इलाज हुआ है। आते ही उन्हें फीलगुड हुआ। उनका ऑक्सीजन स्तर बहुत कम था, इसलिए अस्पताल भेज दिया। दिल्ली से एक मरीज आगरा आ रहे हैं। यहां शांतिप्रिय और भयमुक्त वातावरण है। दादाबाड़ी परिसर में पर्याप्त हरियाली के साथ बरगद, नीम और पीपल के पेड़ हैं, जो सर्वाधिक ऑक्सीजन देते है। इससे यहां आने वाले मरीजों का ऑक्सीजन स्तर जल्दी बढ़ेगा। घर में यह वातावरण नहीं मिल सकता है। यहां आयुष पद्धति के अनुसार, एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेदिक इलाज होगा। मरीजों के और बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए योगा की व्यवस्था भी की जा रही है। जिनके बच्चे बाहर हैं, वे माता-पिता भी यहां आकर क्वारेंटाइन हो सकते हैं।
आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन, संयोजक सुनील कुमार जैन, सुशील जैन आदि ने भगवान महावीर स्वामी, जैन आचार्य राजेन्द्र सूरि जी महाराज और मंच के संस्थापक अध्यक्ष स्व. अशोक जैन सीए के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सेन्टर का उद्घाटन किया। इस मौके पर राजकुमार जैन ने बताया कि कई जैन परिवारों के सभी सदस्य बीमार हैं। ऐसे परिवारों को यहां पूरी सुविधा मिलेगी। डॉ. पुनीत मित्तल के नेतृत्व में क्वारेंटाइन सेंटर का संचालन होगा। इस मौके पर निखिल जैन, विमल जैन, दीपक जैन, महेंद्र जैन आदि मौजूद थे।

आगरा विकास मंच के संयोजक सुनील कुमार जैन ने बताया कि जैन धर्मशाला दादाबाड़ी में लैट-बाथ अटैच 30 रूम हैं। मरीजों को विशेष जैन भोजन, नर्स, कम्पाउंडर, डॉक्टर और ऑक्सीजन की सुविधा रहेगी। इसका 1000 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा। पहले दो घंटे ऑक्सीजन फ्री में रहेगी। गंभीर मरीजों को रेनबो हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए दो बिस्तर आरक्षित कराने के प्रयास किए जाएंगे। बाईपैप मशीन भी रेनबो हॉस्पिटल को उपलब्ध कराई जाएंगी।
सुशील जैन ने बताया कि कोरोना मरीज और तीमारदारों के लिए 500 मीटर का अलग कॉरीडोर बनाया गया है। इससे मंदिर में आने वाले अन्य लोगों से संक्रमित संपर्क में नहीं आएंगे। इससे मंदिर की शुचिता और स्वच्छता भी बनी रहेगी।
मंच के प्रवक्ता संदेश जैन ने बताया कि हेल्प लाइन नम्बर 6360537520 (प्रतीक तिवारी) और 08958592544 (मान सिंह) के माध्यम से सेवा जारी है। जो माता-पिता अकेले हैं, वे यहां फोन करके सहायता ले सकते हैं। फोन पर मिली सूचना के बाद दो अंतिम संस्कार रामलाल आश्रम, सिकंदरा में कराए गए हैं। इसके साथ ही एक ऑक्सीजन सिलेंडर बेलनगंज भेजा गया। चार घरों पर भोजन पहुंचाया गया।
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