लखनऊ। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में साइबर सुरक्षा की पढ़ाई होगी। विद्यार्थियों को योग, विज्ञान आदिक के साथ ही इंटरनेट और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किया है। बता दें नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण संस्थानों में कौशल व आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। मोबाइल फोन व इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ गया है। विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इसके प्रति जागरूक करने के लिए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शिक्षा देना जरूरी है।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से नया सत्र 2024-25 शुरू हो गया है। नए सत्र में विद्यालयों में एक दर्जन रजिस्टर के डिजिटलीकरण को लेकर फिर सख्ती की जाएगी, जिसमें डिजिटल उपस्थिति भी शामिल है। बेसिक शिक्षा विभाग इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। पहले चरण में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति व मिड-डे मील का रियल टाइम अपडेशन किया जाएगा।
नए सत्र को लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। महानिदेशक ने कहा है कि मिड-डे मील व छात्र उपस्थिति पंजिका का विद्यालयों में डिजिटल प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए।
स्कूलों में स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब की स्थापना की गई है। इसका बेहतर प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लासेस हों। विज्ञान व अंग्रेजी विषय की संदर्शिकाओं के अनुसार शिक्षण व अभ्यास कराया जाए। विभिन्न शैक्षणिक सामग्री बिग बुक्स, पिक्चर स्टोरी कार्ड, पोस्टर्स, लाइब्रेरी की किताबों, टीएलएम, मैथ्स किट, शैक्षणिक वीडियो का प्रयोग पढ़ाई में किया जाए।
-एजेंसी
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