मानवता की अनूठी मिसाल: आगरा के बल्केश्वर में 60 बिस्तरों वाले पुरुष आश्रम का उद्घाटन, सड़क पर रहने वालों को मिलेगा सम्मानजनक जीवन

PRESS RELEASE

आगरा। असहाय, बीमार, मानसिक रूप से अस्वस्थ और सड़क पर रहने वाले पुरुषों के लिए आगरा में रविवार का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया। बल्केश्वर में ‘मां माधुरी बृज वारिस सेवा सदन’ (अपना घर) द्वारा संचालित नए ‘पुरुष अपना घर आश्रम’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस आश्रम के शुरू होने के साथ ही शहर के जरूरतमंदों को अब उपचार और आश्रय के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

​21 प्रभुजनों के साथ सेवा का आगाज

शुभारंभ समारोह के दौरान संस्था की संस्थापक डॉ. माधुरी भारद्वाज, स्थापना संयोजक शैलेन्द्र त्यागी और संरक्षक मोहनलाल अग्रवाल ने 21 प्रभुजनों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। ये सभी प्रभुजन भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम से स्थानांतरित किए गए हैं, जिनका संबंध आगरा और आसपास के क्षेत्रों से है। सम्मानपूर्वक प्रवेश दिलाने के बाद इन सभी को आश्रम की नई सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है।

​आगरा में स्थानीय स्तर पर मिलेगी सुविधा

संस्था पहले से ही शहर में महिला आश्रम का संचालन कर रही थी, लेकिन पुरुष आश्रम की कमी के कारण बेसहारा पुरुषों को मथुरा, भरतपुर या फिरोजाबाद भेजना पड़ता था। बल्केश्वर स्थित इस नए आश्रम के खुलने से अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस हालत में पाए जाने वाले पुरुषों को स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित आश्रय, चिकित्सा, भोजन और पुनर्वास की सुविधा मिल सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है आश्रम

यह संस्था का 72वां और उत्तर प्रदेश का 19वां आश्रम है। इसमें कुल 60 बिस्तरों की आवासीय क्षमता तैयार की गई है। यहाँ रहने वाले प्रभुजनों के लिए चिकित्सा, भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली और रहने के लिए आवश्यक सामान की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा और रेस्क्यू कार्यों के लिए एक समर्पित एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।

डॉ. माधुरी भारद्वाज ने कहा कि संस्था का ध्येय केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि इन पीड़ित लोगों को खोया हुआ सम्मान वापस दिलाना और मानवीय सेवाएं प्रदान करना है। इस आश्रम के शुरू होने से आगरा के जरूरतमंदों को अब गुणवत्तापूर्ण और त्वरित सहायता उनके अपने ही शहर में उपलब्ध होगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh