SI भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द पर बवाल: योगी सरकार के मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने जताई कड़ी आपत्ति, बोले- दोषी को मिले सख्त सजा

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आगरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा का एक प्रश्न सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। “अवसर के अनुसार बदलने वाला” के लिए पूछे गए एक बहुविकल्पीय प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में शामिल करने पर सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे एक साधारण मानवीय भूल मानने से इनकार करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सोची-समझी साजिश करार दिया है।

​मानसिक विकृति का परिणाम है ऐसा प्रश्न: मंत्री

कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “पंडित” शब्द का इस तरह के प्रश्न के विकल्प के रूप में प्रयोग करना न तो भाषाई रूप से सही है और न ही तार्किक रूप से। उन्होंने आरोप लगाया कि यह किसी मानसिक विकृति से पीड़ित पेपर सेटर का कृत्य है, जिसका उद्देश्य हिंदू समाज की पारंपरिक गरिमा और समरसता को चोट पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के प्रति इस प्रकार का अपमानजनक संकेत कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​फिल्म विवाद से जोड़ा मामला

अपने बयान में मंत्री ने हालिया फिल्म विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले फिल्मों के माध्यम से और अब परीक्षाओं जैसे गंभीर मंचों से धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का मजाक उड़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि समाज की संवैधानिक गरिमा और भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय है।

​दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

मंत्री ने संबंधित परीक्षा प्रबंधन और एजेंसियों से मांग की है कि संबंधित पेपर सेटर को तत्काल चिन्हित कर उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश देना जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

​इस विवाद के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील विषयों में भाषाई और सामाजिक संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

Dr. Bhanu Pratap Singh