संसद में काले कपड़ों में विपक्ष का हल्ला बोल: NEET पेपर लीक पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, सदन स्थगित

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नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान बुधवार का दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। NEET पेपर लीक और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष ने संसद में मोर्चा खोल दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद विरोध स्वरूप ‘काले कपड़े’ पहनकर सदन पहुंचे।

दोनों सदनों में जोरदार हंगामा, कार्यवाही स्थगित

​सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने पेपर लीक और छात्रों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे का आलम यह था कि लोकसभा में कार्यवाही मात्र एक मिनट ही चल सकी। विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष की प्रमुख मांग है कि इन गंभीर मुद्दों पर सदन में तत्काल विस्तृत चर्चा कराई जाए।

सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सत्तापक्ष ने विपक्ष के तरीकों पर सवाल खड़े किए हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने राहुल गांधी को ‘गैर-जिम्मेदार’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं।

​दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के बजट (1.4 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफी को अधिक प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अडानी-अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रही है।

​वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार के व्यवहार को ‘डर’ का प्रतीक बताया और सवाल उठाया कि सरकार अपने मंत्रियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही है? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “कहीं ऐसा तो नहीं कि मंत्रियों के पास ऐसे राज़ छिपे हैं, जिन्हें सरकार बाहर आने से डर रही है।”

संसद के भीतर और बाहर छिड़ी इस सियासी जंग ने आने वाले दिनों के लिए सत्र को और अधिक हंगामेदार बनाने के संकेत दे दिए हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh