लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से राजनीति की एक बेहद दिलचस्प और अनूठी तस्वीर सामने आई है, जहां प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद अवधेश प्रसाद की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। यह पूरा वाकया अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इनायतनगर इलाके का है, जहां दोनों नेता एक स्थानीय निजी होटल एवं रेस्टोरेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
इस कार्यक्रम के दौरान सबसे खास और चौंकाने वाला पल तब आया जब धुर विरोधी राजनीतिक दलों से ताल्लुक रखने के बावजूद मंत्री दयाशंकर सिंह ने सपा सांसद अवधेश प्रसाद का हाथ पकड़ा, आदरपूर्वक आशीर्वाद लिया और दोनों के बीच पारिवारिक आत्मीयता व सहज संवाद का एक अलग ही रूप देखने को मिला।
मामा-भांजे का पुराना और गहरा पारिवारिक रिश्ता
समारोह के दौरान आपस में बातचीत करते हुए मंत्री दयाशंकर सिंह ने सांसद अवधेश प्रसाद के साथ अपने दशकों पुराने पारिवारिक जुड़ाव का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अवधेश प्रसाद को अपना मामा और खुद को उनका भांजा बताया। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच की यह केमिस्ट्री और राजनीतिक औपचारिकताओं से परे पारिवारिक गर्मजोशी वहां मौजूद लोगों के बीच मुख्य चर्चा का विषय बनी रही।
राजनीति की दीवारों को लांघती रिश्तों की डोर
इस उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों नेता एक-दूसरे का हाथ थामे काफी शालीनता के साथ आगे बढ़ते नजर आए। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी जैसी जानी-मानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पार्टियों में होने के बावजूद, उनके आपसी संबंधों की यह सादगी हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रही। इस विशेष अवसर पर स्थानीय विधायक चंद्रभानु पासवान और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह सहित क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य लोग भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराए हुए थे।
दलीय सीमाओं से परे एक-दूसरे का सम्मान
आपको बता दें कि अवधेश प्रसाद उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल अयोध्या लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि दयाशंकर सिंह बलिया सदर विधानसभा सीट से विधायक होने के साथ-साथ योगी सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि वे बचपन के दिनों से ही अवधेश प्रसाद को भली-भांति जानते हैं और उनके साथ उनके पारिवारिक रूप से मामा-भांजे के रिश्ते हैं। इस बात से स्थानीय लोग भी भली-भांति परिचित हैं। दोनों नेता दलीय और वैचारिक राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे के प्रति हमेशा से गहरा सम्मान रखते आए हैं।
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