संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा के एकदम दक्षिण में स्थित रफ़ाह में जारी इसराइली हमलों से ‘कत्लेआम’ मच सकता है.
ह्यूमैनिटेरियन चीफ़ मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा कि ग़ज़ा में फ़लस्तीनी पहले ही “ऐसे तेज़, क्रूर हमले झेल रहे हैं, जिसकी कोई तुलना नहीं है.”
उन्होंने कहा, रफ़ाह पर हमले के नतीजे के “विनाशकारी” होंगे.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने हमास के लड़ाकों को हराने की कसम खाई है. उनका कहना है कि वे शहर में छिपे हुए हैं.
ग्रिफ़िथ्स ने कड़े शब्दों में कहा कि 10 लाख से अधिक लोग रफ़ाह में ठसाठस भरे हुए हैं और मौत का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि शहर में लोगों के पास खाने या दवा की पहुंच बेहद कम है और कहीं भी जाना सुरक्षित नहीं है.
उन्होंने कहा, “यहां इसराइली हमला पहले से ही कमज़ोर मानवीय सहायता अभियान को ख]त्म कर सकता है.”
रफ़ाह ग़ज़ा पट्टी के दक्षिण में स्थित मिस्र की सीमा से सटता शहर है. युद्ध शुरू होने से पहले यहां करीब ढाई लाख की आबादी थी. हालांकि, इसराइल ने जब नागरिकों को कई इलाके खाली करने का आदेश दिया तो आबादी बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गई.
बहुत से लोग यहां बेहद बुरे हालात में, टेंटों में जीवन बसर कर रहे हैं. हाल के दिनों में इसराइल ने रफ़ाह में हमले तेज़ किए हैं. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को यहां कम से कम 67 लोगों की मौत हुई है.
-एजेंसी
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