अमेरिका द्वारा सीरिया और इराक में ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर शुक्रवार को किए गए हमलों को ईरान ने ‘रणनीतिक गलती’ करार दिया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीरिया और इराक पर किए गए हमलों से ‘इलाके में तनाव और अस्थिरता बढ़ने के अलावा और कोई परिणाम नहीं होगा.’ इससे पहले इराक ने भी कहा था अमेरिका के हमले इस क्षेत्र में ‘विनाशकारी परिणाम’ लेकर आएंगे.
इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार ये हमले उनके देश की संप्रभुता का ‘उल्लंघन’ थे और इससे ‘इराक और उस इलाके की सुरक्षा और स्थिरता’ प्रभावित होगी.
इराकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका के हमलों में आम नागरिकों सहित कम से कम 16 लोग मारे गए. उधर, सीरिया ने कहा कि सीरिया के इलाक़ों पर अमेरिकी ‘कब्जा’ जारी नहीं रह सकता.
क्या है मामला
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका के कई बी-1 सुपरसोनिक बमवर्षक विमानों ने 30 मिनट के भीतर सीरिया में चार और इराक़ में तीन ठिकानों के 85 से अधिक टारगेट पर हमले किए थे.
ये हमले सीरिया और इराक़ में मौजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के कुद्स फोर्स और इराक़ और सीरिया में इससे जुड़े विद्रोही गुटों पर किए गए.
इससे पहले 28 जनवरी को उत्तर पूर्वी जॉर्डन के एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन से हमले हुए थे. उस हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.
अमेरिका ने इसके लिए ईरान से जुड़े मिलशिया संगठनों को ज़िम्मेदार ठहराया था. उन हमलों के जवाब में अमेरिका ने शुक्रवार को हमले किए थे.
-एजेंसी
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