विएना में विदेशी मीडिया के सामने विदेश मंत्री जयशंकर ने पाक और चीन दोनों को लिया आड़े हाथ

विएना में विदेशी मीडिया के सामने विदेश मंत्री जयशंकर ने पाक और चीन दोनों को लिया आड़े हाथ

EXCLUSIVE

 

ऑस्ट्रिया के दौरे पर गए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विएना में मीडिया को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा करते हुए विदेश मंत्री ने पाकिस्तान और चीन को आड़े हाथ लिया। इस इंटरव्यू में एस जयशंकर ने यूरोप को इस बात का अहसास करवाया कि आतंकवाद सिर्फ भारत की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्‍या है।

पाकिस्तान पर बोला हमला

इंटरव्यू के दौरान भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को कई बार आतंकवाद का केंद्र बिन्दु बताया तो एंकर ने इस बात का ऐतराज जताया कि पाकिस्तान को आतंकवाद का सेंटर नहीं कह सकते। इसका जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा, ‘ये कोई पहला मौका नहीं है मैंने आज भी वही कहा है जो मैं पहले भी कहता आया हूं। मैंने पाकिस्‍तान शब्‍द का प्रयोग भी नहीं किया क्‍योंकि आप एक राजनयिक हैं इसका मतलब यह नहीं है कि आप सच नहीं बोलेंगे। मैं और कोई कठिन शब्‍द भी प्रयोग कर सकता था। भारत के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए केंद्र बिंदु बहुत छोटा शब्‍द है।’ उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में मुंबई में हमले करवाए हमारी संसद पर हमला करवाया।

चीन पर साधा निशाना

इस दौरान विदेशमंत्री ने चीन पर हमला बोलते हुए कहा कि चीन के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में कई जगहों पर दोनों देशों के बीच इस बात का समझौता हुआ था कि हम कुछ जगहों पर दोनों देशों की ओर से सेना की तैनाती नहीं करेंगे। चीन ने उन समझौतों का पालन नहीं किया। इसी वजह दोनों देशों के बीच तनाव पूर्ण स्थितियां बनी हैं। दोनों देशों के बीच सीमा रेखा को एक तरफा नहीं बदलने का समझौता हुआ था लेकिन चीन ने इस समझौते का उल्लंघन किया। हमारे पास सैटेलाइट की तस्वीरें हैं जिनमें आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि सीमारेखा पर उल्लंघन पहले किसने किया है। समझौते के बाद सीमारेखा पर सैनिक किसने पहले भेजे हैं?

आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा

वहीं जब इंटरव्यू के दौरान एंकर ने एस जयशंकर से पूछा कि क्‍या भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर यूरोप को घबराना चाहिए? इसके जवाब में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘आतंकवाद को लेकर पूरी दुनिया को इस बात की चिंता करनी होगी, लेकिन अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय इस बात से बेखबर है। दुनिया के कई देश ये मानते हैं कि आतंकवाद उसकी समस्या नहीं है क्योंकि ये दूसरे देशों में हो रहा न कि उनके देश में। मुझे लगता है कि पूरे विश्व को मिलकर आतंकवाद पर चिंता जतानी चाहिए यही सबसे अहम है।’ इससे पहले अपने ऑस्ट्रियाई समकक्ष के साथ बोलते हुए जयशंकर ने कहा था कि आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh