आगरा प्रोबेशन ऑफिस में ‘खेल’: जेम पोर्टल दरकिनार कर चहेतों को बांटे ठेके, डीएम ने बिठाई जांच

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आगरा: ताजनगरी के जिला प्रोबेशन कार्यालय में सरकारी बजट के बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी खरीद के लिए अनिवार्य जेम (GeM) पोर्टल के नियमों को ताक पर रखकर चहेती फर्मों को लाखों रुपये का फायदा पहुँचाया गया। मामला तूल पकड़ते ही जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं।

फर्जी बिल और पसंदीदा फर्में: आरोपों की लंबी फेहरिस्त

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी के कार्यकाल (जुलाई 2025 से अब तक) के दौरान निर्माण कार्यों और सामग्री खरीद में भारी हेराफेरी हुई है। मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

नियमों का उल्लंघन: जेम पोर्टल के बजाय निजी स्तर पर चुनी गई फर्मों से ऊँची दरों पर फर्नीचर और अन्य सामान खरीदा गया।

​फर्जी भुगतान: 1 से 6 लाख रुपये तक के संदिग्ध बिल बनाकर सरकारी धन निकाला गया।

​भाई-भतीजावाद: पूर्व आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिजनों की फर्मों को अनुचित तरीके से काम दिया गया।

एक ही छत के नीचे कई फर्में: एक ही पते पर अलग-अलग जीएसटी (GST) नंबरों से संचालित फर्मों को लाभ पहुँचाने का आरोप है।

योजनाओं के मद में भी गड़बड़ी की आशंका

आरोप है कि गड़बड़ी केवल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना और मिशन शक्ति जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के बजट में भी अनियमितताएं बरती गई हैं।

अधिकारी का पक्ष: “आरोप निराधार”

इन आरोपों पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल कुमार सोनी ने सफाई देते हुए कहा कि सभी खरीद शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है और आरोप पूरी तरह निराधार हैं। दूसरी ओर, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच में दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh