आरबीआई ने 19 मई को 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी. इन नोटों को बैंकों में जमा करने के साथ अन्य मूल्य वर्ग के नोटों से बदलने की सुविधा लोगों को दी गई थी.
लोग अब अपने 2,000 रुपये के नोट अपने बैंक खातों में जमा कराने के लिए उन्हें बीमाकृत डाक के जरिए रिजर्व बैंक के निर्दिष्ट क्षेत्रीय कार्यालयों में भेज सकते हैं. यह उन लोगों के लिए एक आसान विकल्प है जो रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों से दूर रहते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय निदेशक रोहित पी. ने कहा, ‘‘हम ग्राहकों को सबसे सहज व सुरक्षित तरीके से उनके खाते में सीधे राशि जमा कराने के वास्ते बीमाकृत डाक के जरिए 2,000 रुपये के नोट आरबीआई को भेजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. यह उन्हें निर्दिष्ट शाखाओं तक यात्रा करने और कतार में खड़े होने की परेशानियों से बचाएगा.’’
उन्होंने कहा कि टीएलआर तथा बीमित पोस्ट, दोनों विकल्प अत्यधिक सुरक्षित हैं और जनता के मन में इन विकल्पों को लेकर कोई डर नहीं होना चाहिए. अकेले दिल्ली कार्यालय को अब तक करीब 700 टीएलआर फॉर्म मिले हैं. उन्होंने कहा कि आरबीआई अपने संचार में अपने कार्यालयों में विनिमय सुविधा के अलावा इन दो विकल्पों को फिर शामिल कर रहा है. आरबीआई ने 19 मई को 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी. इन नोटों को बैंकों में जमा करने के साथ अन्य मूल्य वर्ग के नोटों से बदलने की सुविधा लोगों को दी गई थी.
आरबीआई के मुताबिक, इस तरह 19 मई 2023 तक चलन में मौजूद 2,000 रुपये मूल्य के कुल नोट में से 97 प्रतिशत से अधिक नोट अब वापस आ चुके हैं. इन नोटों को बदलने या बैंक खातों में जमा कराने की समय सीमा पहले 30 सितंबर थी. बाद में यह समयसीमा सात अक्टूबर तक बढ़ा दी गई. बैंक शाखाओं में जमा और विनिमय दोनों सेवाएं सात अक्टूबर को बंद कर दी गई थीं.
- प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा - February 12, 2026
- भारतीय राजनीति के चमकते सितारे: सिख समुदाय की सेवा, साहस और नेतृत्व की गौरवशाली विरासत - February 12, 2026
- संरक्षण के 30 साल: वाइल्डलाइफ एसओएस ने कैसे बदली भारत में वन्यजीवों की तकदीर, ‘डांसिंग’ भालू से हाथी अस्पताल तक का सफर - February 12, 2026