संयुक्त राष्ट्र की परमाणु वॉचडॉग संस्था ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया पावर प्लांट पर हुए एक नए ड्रोन हमले से एक “बड़ी परमाणु दुर्घटना” का खतरा बढ़ गया है.
रूस का कहना है कि यूक्रेन इस हमले के पीछे है जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है. यूक्रेन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
छह रिएक्टरों वाला ये प्लांट रूस के कब्ज़े में है और रूस-यूक्रेन संघर्ष की फ्रंटलाइन पर है.
संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) बार-बार ऐसे हमलों के खिलाफ चेतावनी देती रही है.
आईएईए प्रमुख राफ़ेल ग्रॉसी ने कहा कि रविवार का ड्रोन हमला “लापरवाही के साथ बिना प्लांट को ध्यान में रखे हुए” किया गया और अब “परमाणु सुरक्षा का ख़तरा मंडरा रहा है.”
दक्षिणी यूक्रेन में स्थित ज़ापोरिज़िया परमाणु प्लांट यूरोप का सबसे बड़ा प्लांट है. साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद ही रूस ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था.
आईएईए की एक टीम जो ज़ापोरिज़िया में मौजूद है उसने एक रिएक्टर सहित प्लांट पर “ड्रोन हमलों के असर” की पुष्टि की है. प्लांट पर रूसी-स्थापित प्रशासन ने कहा कि रेडिएशन का स्तर सामान्य है और कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है.
आईएईए ने भी कहा है कि न्यूक्लियर सुरक्षा में अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन चेतावनी दी है कि “इस घटना से रिएक्टर कमज़ोर ज़रूर हुए हैं जिससे गंभीर खतरा पैदा हुआ है.”
-एजेंसी
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