प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने पीएमएलए मामले में ओडिशा सरकार के पूर्व सफाई कर्मचारी की 1.88 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। ये संपत्तियां पूर्व ‘सफई मोहरियर’ (सफाई सहायक) लिंगराज जेना की हैं, जो पुरी जिले में अतिरिक्त उप-कलेक्टर (बस्ती) के कार्यालय में तैनात हैं।
ईडी का धनशोधन का मामला ओडिशा सतर्कता निदेशालय की ओर से जेना के खिलाफ दायर आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले से उपजा है। सतर्कता निदेशालय की ओर से दायर आरोपपत्र में कहा गया है कि जेना ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक 1.88 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित कर के खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को अवैध रूप से समृद्ध किया।
धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में ईडी की जांच के दौरान पाया गया कि जेना ने आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर धन अर्जित किया, इसे छिपाया और विभिन्न संपत्तियों के अधिग्रहण में इसका निवेश किया।
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