माघ मेला: प्रयागराज में सीएम योगी का संगम स्नान, संतों संग किया मंथन, 14 जनवरी के महापर्व के लिए प्रशासन को किया अलर्ट

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के भ्रमण पर पहुंचे। करीब सात घंटे के प्रवास की शुरुआत उन्होंने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान और पूजा-अर्चना से की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली, शांति और जनकल्याण की कामना की। स्नान के बाद उन्होंने नाव की सवारी करते हुए संगम क्षेत्र में प्रवास करने वाले साइबेरियन पक्षियों को दाना भी खिलाया।

आगामी स्नान पर्वों की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के आने वाले स्नान पर्वों की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ जल शक्ति मंत्री एवं प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन

संगम स्नान के बाद मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके उपरांत वे वीआईपी घाट होते हुए पुनः संगम क्षेत्र लौटे और गंगा पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

संत समाज से संवाद, सतुआ बाबा की छावनी पहुंचे सीएम

इसके बाद मुख्यमंत्री माघ मेला क्षेत्र स्थित सतुआ बाबा की छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने श्री जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें प्राकट्य महोत्सव में सहभागिता की। यहां संत-महात्माओं से मुलाकात कर माघ मेले की व्यवस्थाओं पर उनके सुझाव सुने। संत समाज ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन की सुचारु व्यवस्था को लेकर अपने विचार मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

3 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा माघ मेला

उल्लेखनीय है कि संगम क्षेत्र में आयोजित माघ मेला 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से प्रारंभ होकर 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। इस दौरान छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे। पहला स्नान पौष पूर्णिमा को संपन्न हो चुका है, जबकि दूसरा महत्वपूर्ण स्नान पर्व 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के संगम तट पर पहुंचने की संभावना है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा माघ मेले को ‘मिनी कुंभ’ की तर्ज पर सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh