Lucknow, (Uttar Pradesh, India)। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एल-1, एल-2 तथा एल-3 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार करके 52 हजार बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने अगले 15 दिन में 25 हजार अतिरिक्त बेड कोविड हाॅस्पिटल के रूप में और तैयार किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में कुल 17 हजार बेड तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कुल 35 हजार बेड तैयार किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के कोविड अस्पतालों में 01 लाख बेड अगले एक माह में उपलब्ध हो जाए।
अस्पतालों की क्षमता विस्तार करें
सीएम ने लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षमता विस्तार की इस कार्यवाही के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा एल-1 अस्पतालों में 10 हजार बेड, एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा सहित 05 हजार बेड तथा एल-3 अस्पतालों में वेंटिलेटर युक्त 02 हजार बेड की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा एल-1 श्रेणी के कोविड चिकित्सालयों में 20 हजार बेड, एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा सहित 10 हजार बेड तथा एल-3 अस्पतालों में वेंटिलेटर के साथ 05 हजार बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में पूरी तरह प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जाएं। कोरोना के उपचार में लगी चिकित्सा टीम को हर हाल में मेडिकल इन्फेक्शन से बचाया जाए। कोरोना से जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखना अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिए कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पी0पी0ई0 किट्स, एन-95 मास्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पतालों की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए लगातार सेनेटाइजेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में आयुष के चिकित्सकों तथा पैरामेडिक्स का प्रशिक्षण करवाकर उनकी सेवाएं भी प्राप्त करने पर विचार किया जाए।

व्यापक स्तर पर हो टेस्टिंग
सीएम योगी ने व्यापक स्तर पर टेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए। टेस्टिंग क्षमता को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस सम्बन्ध में वैश्विक स्तर पर उपलब्ध नवीनतम टेक्नोलाॅजी को प्राप्त करने पर विचार किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि लाॅकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। लाॅकडाउन का उल्लंघन अथवा दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। समस्त गतिविधियों में प्रत्येक दशा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लाॅकडाउन के दौरान लोगों को सभी आवश्यक सामग्री सुचारु रूप से प्राप्त हो। कालाबाजारी, जमाखोरी तथा घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी सर्विलांस के कार्याें में युवा वाॅलेन्टियर्स विशेष रूप से युवक मंगल दल, नेहरू युवा केन्द्र, एन0सी0सी0 तथा एन0एस0एस0 के सदस्यों की सेवाएं ली जाएं। क्वारंटीन सेन्टर तथा आश्रय स्थल में रखे गये लोगों के लिए भोजन तैयार करने में महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि क्वारंटीन सेन्टर तथा आश्रय स्थल में साफ-सफाई, भोजन तथा सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे। क्वारंटीन सेन्टर, शेल्टर होम तथा कम्युनिटी किचन के संचालन से युवा वाॅलेन्टियर्स तथा आंगनबाड़ी कर्मियों को जोड़ा जाए।
हमला करने वालों को मिलेगी कड़ी सजा
प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 के इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों को कड़ी सजा दिलाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा महामारी रोग अधिनियम-1897 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया गया है। इस अध्यादेश के लागू होने से कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ अब प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। नये कानून से स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ अन्य कोरोना वारियर्स यथा स्वच्छता कर्मी, पुलिस कर्मी एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 से लड़ने हेतु नामित अन्य कार्मिकों को हर हाल में सुरक्षा प्रदान की जाए। इस सम्बन्ध में प्रदेश सरकार शीघ्र ही एक अध्यादेश लाएगी। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम ने अत्यन्त सराहनीय कार्य करते हुए कोटा से प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित उनके गन्तव्य तक पहुंचाया। कोविड-19 के दौरान विभिन्न जनपदों में भी अच्छे कार्य किये जा रहे हैं।
औद्योगिक विकास विभाग करे कार्य योजना तैयार
सीएम ने विभिन्न राज्यों के लिए नोडल अधिकारियों के कार्याें की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि समस्त नोडल अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहते हुए लोगों की दिक्कतों को सुनें एवं उनका समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन पूरी कर होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि भरण-पोषण भत्ता सभी पात्र लोगों को उपलब्ध हो जाए। मनरेगा, ओ0डी0ओ0पी0, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा महिला स्वयं सहायता समूह से प्रवासी श्रमिकों को जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। सीएम योगी ने कहा कि रेड जोन को ऑरेंज जोन और फिर ग्रीन जोन में परिवर्तित किया जाना है। ऑरेंज जोन तथा ग्रीन जोन में औद्योगिक गतिविधियों के सम्बन्ध में औद्योगिक विकास विभाग एक कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सेक्टोरल नीतियों में आवश्यकतानुसार संशोधन के लिए कार्य योजना बनायी जाए। यह सुनिश्चिित किया जाए कि निर्माण इकाइयों में सेनेटाइजिंग की अच्छी व्यवस्था हो तथा श्रमिकों के लिए सम्बन्धित इकाई द्वारा फूडिंग-लाजिंग का प्रबन्ध भी हो।
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